
(जय लोक)। अपने देश में न जाने कितने डे मनाए जाते हैं जिनमें कुछ राष्ट्रीय हैं तो कुछ अंतरराष्ट्रीय, जैसे राष्ट्रीय युवा डे, राष्ट्रीय विज्ञान डे, राष्ट्रीय पंचायती राज डे, राष्ट्रीय सिविल सर्विस डे, राष्ट्रीय इंजीनियरिंग डे, राष्ट्रीय खेल डे, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण डे, कारगिल विजय डे, भारत छोड़ो डे, इसके अलावा कई अंतरराष्ट्रीय डे भी मनाए जाते हैं। मसलन विश्व वाटर डे, विश्व पृथ्वी डे, अंतर्राष्ट्रीय महिला डे, विश्व उपभोक्ता डे, विश्व जनसंख्या डे, विश्व एड्स डे, विश्व रक्त दान डे, विश्व स्तनपान डे, अंतर्राष्ट्रीय योग डे इनके अलावा फादर्स डे, मदर्स डे, वैलेंटाइन डे, रोज डे, ग्रैंड मदर डे, ग्रैंडफादर डे, सिस्टर डे, फ्रेंड्स डे, भी मनाए जाते है। लेकिन गत 19 तारीख को ‘इंटरनेशनल टॉयलेट डे’ मनाया गया, अब इंटरनेशनल टॉयलेट डे में लोगों ने क्या किया ये पता नहीं चल पाया हो सकता है कि पूरा दिन टॉयलेट में बैठे-बैठे गुजार दिया हो, लेकिन एक परिवार में एक या दो ही टॉयलेट होते हैं तो जो टॉयलेट में नहीं जा पाए वो इस महान टॉयलेट डे से महरूम हो गए होंगे, कितना रंज नहीं हुआ उनको कि बताओ आज ‘इंटरनेशनल टॉयलेट डे’ था और हम टॉयलेट में अपना समय नहीं गुजार पाए। पता नहीं किस व्यक्ति ने टॉयलेट डे का आविष्कार किया होगा और उसके पीछे कारण क्या होगा यह कहना बड़ा मुश्किल है। लेकिन जब से अपन ने टॉयलेट डे के बारे में सुना है तब से अब यही सोच रहे हैं कि वो वक्त दूर नहीं जब यूरिन डे, पसीना डे, थूक डे, खख़ार डे, मैल डे भी मनाया जाएगा क्योंकि जब टॉयलेट डे मनाया जा सकता है तो इन गरीबों ने क्या गुनाह किया है जो उनका डे न मनाया जाए, हैं तो वे भी शरीर के हिस्से। जैसे व्यक्ति टॉयलेट में बैठकर फारिग होता है वैसे ही इन सब चीजों से भी उसे कभी ना कभी फारिग तो होना ही पड़ता है। देखना ये है कि कितनी जल्दी ये तमाम डे लोगों के सामने आएंगे और इन्हें वे खूब उत्साह के साथ मनाएंगे जैसे टॉयलेट डे मनाया गया है।

शराब से ही होती है कमाई
देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट ने दो शराब कंपनियों के द्वारा शराब के ‘टेट्रा पैकेज’ बनाए जाने पर कंपनियों के साथ-साथ राज्य सरकारों को भी जमकर लताड़ लगाई है और कहा है कि शराब से कमाई के लिए वो लोगों की सेहत से सौदा कर कर रही हैं, अब सरकार सुप्रीम कोर्ट से ये तो बता नहीं सकती कि हुजूर हमारी सरकारें सिर्फ दारू के भरोसे ही चल रही हैं। लोग जितनी ज्यादा दारु पीते हैं उतना राजस्व हमारे खजाने में आता है और इस खजाने से हम लोगों को चुनाव के दौरान पैसा बांटकर बोट ले लेते हैं। दारू नहीं होगी तो सरकारें कैसे चलेंगी और फिर हम पैसा कैसे बांट पाएंगे और जब पैसा नहीं बांटेंगे तो फिर हार का भी डर रहेगा। दूसरी बात हमने लोगों के स्वास्थ्य का कोई ठेका थोड़ी ले रखा है घर से बुलाकर तो हम पिलाते नहीं है जिसको पीना है वही शराब की दुकान में आता है। लोगों के स्वास्थ्य के लिए तमाम प्राइवेट अस्पताल तो खुले हुए हैं बीमार हो तो जाओ और लुट कर आ जाओ। वैसे भी शराब का तो इतिहास बहुत पुराना है देवता भी स्वयं सोम रस का पान करते थे। राजा महाराजाओं के हरम में साकियां रहती थी जो राजा को जाम बना बना कर देती थी, तो जो चीज इतिहास से चल रही है उसे यदि हमने थोड़ा बहुत अपना भी लिया तो इसमें बुराई क्या है। हां अपन ये जरूर कह सकते हैं कि टेट्रा पैकेज मत बनाओ, सीधा पव्वा, अद्धा और बोतल ही बनाओ इसमें तो किसी को ऐतराज नहीं होना चाहिए क्योंकि ये तो बरसों से चल रहा है और आगे भी चलता रहेगा।
लुट गया प्रेमी
चीन में एक प्रेमी ने लगभग ‘एक करोड़ चालीस लाख रुपया’ अपनी प्रेमिका को रखने के लिए दे दिया कि जब उसे जरूरत होगी वो अपना पैसा अपनी महबूबा से मांग लेगा लेकिन जब वह कुछ समय बाद अपनी प्रेमिका से पैसे लेने गया तो प्रेमिका ने बताया कि उसने तो पूरा पैसा अपने शरीर के विभिन्न अंगों की ‘प्लास्टिक सर्जरी’ करवाने में लुटा दिया है। प्रेमी बेचारा करता भी तो क्या करता महबूबा जो थी वैसे उसने जो कुछ भी किया होगा अपने प्रेमी के लिए ही तो किया होगा। चेहरे को सुंदर बनाया होगा, शरीर का फैट निकलवाया होगा नकली बाल लगवाए होंगे, कमर पतली कार्रवाई होगी, वक्ष सौंदर्य पर ध्यान दिया होगा, मैनीक्योर, पेडीक्योर करवाया होगा, बालों की जुल्फे बनवाई होगी, चेहरे के दाग धब्बे दूर करने के लिए भी पैसा खर्च किया होगा, झुर्रियां मिटाने के लिए ट्रीटमेंट लिया होगा। अब जब इतना सब कुछ किया होगा तो एक करोड़ चालीस लाख रुपए तो लगे ही होंगे, लेकिन इस घटना के बाद चीन के तमाम आशिकों ने ये फैसला कर लिया है कि वे अपना पैसा मिट्टी में दबा देंगे, बैंक में जमा कर देंगे, सोना चांदी खरीद लेंगे लेकिन अपनी महबूबा को पंजी भी ना देंगे रखने के लिए, क्योंकि उन्होंने देख लिया है कि पैसा दिया तो था रखने के लिए लेकिन मैडम जी ने लुटा दिया अपनी प्लास्टिक सर्जरी पर।

सुपर हिट ऑफ द वीक
श्रीमान जी लडक़ी देखने गए और सोचा लडक़ी की अंग्रेजी की परीक्षा ले लेते है और पूछा ‘इंग्लिश चलेगी ना’ लडक़ी ने शर्माते हुए कहा ‘जी यदि प्याज और नमकीन साथ में हो तो देशी भी चलेगी’।
Author: Jai Lok







