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Home » अपराध » कचरे ठेकेदार का सिरदर्द एक से निकलकर तीन विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचा, कलंकित ठेकेदार टंडन की कंपनी अब पश्चिम छोड़ उत्तर मध्य ,पनागर और रांझी में कर रही कार्य, पार्षद से लेकर अधिकारी परेशान

कचरे ठेकेदार का सिरदर्द एक से निकलकर तीन विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचा, कलंकित ठेकेदार टंडन की कंपनी अब पश्चिम छोड़ उत्तर मध्य ,पनागर और रांझी में कर रही कार्य, पार्षद से लेकर अधिकारी परेशान

जबलपुर जय लोक। घटिया सर्विस और घोटालेबाजी के लिए बदनाम जबलपुर नगर निगम की चार में से एक सफाई ठेकेदार कंपनी बर्फानी सर्विसेज जिसके बदनाम ठेकेदार रितेश टंडन को नगर निगम आयुक्त कई बार लाखों रुपए का जुर्माना सफाई कर्मियों की हाजिरी की चोरी चकारी के चक्कर में लगा चुके हैं। एमआईसी उनका ठेका निरस्त कर चुकी है पूर्व प्रत्याशा में नगर निगम अध्यक्ष तक ने बर्फानी सर्विसेज के रितेश टंडन को दिए गए सफाई ठेके को निरस्त कर चुके हैं। लेकिन न्यायालय की शरण में पहुंचे इस मामले में जनवरी तक उसे पेशी की मोहलत मिलने के कारण अब यह सिर दर्द एक विधानसभा से निकलकर तीन विधानसभा क्षेत्रों में पहुंच गया है।

सूत्रों के अनुसार कचरा सफाई ठेकेदार रितेश टंडन जिसकी बर्फानी सर्विसेज पहले संभाग क्रमांक 1 2 3 4 जो कि पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं वहां पर कार्य कर रही थी। लगातार शिकायतें मिलने के बाद और सफाई कर्मचारियों के हाजिरी में भ्रष्टाचार के खेल करने वाली इस कंपनी को नगर निगम ने लात मार कर निकाल दिया है। दस्तावेजों में यह कंपनी बर्खास्त है।

पूर्व निगमायुक्त श्रीमती प्रीति यादव इस ठेकेदार की कार्यप्रणाली से काफी नाराज थीं क्योंकि यह सफाई का कार्य कम और नगर निगम के खजाने में चोरी करने का काम अधिक कर रहा था। उनके कार्यकाल में कई बार इसके ऊपर लाखों रुपए का जुर्माना लगा। नगर निगम ने बर्फानी सर्विसेज के कई बार वेतन भुगतान को भी रोका। वर्तमान आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार भी सफाई व्यवस्था को बेहतर से बेहतर करने में लगे हुए हैं।

लेकिन बर्फानी कंपनी का मालिक एक बार फिर साम दाम दंड भेद कर बर्फ पिघलाने में कामयाब रहा और उसने ठेके को निरस्त करने की नगर निगम की कार्यवाही को न्यायालय में चुनौती दी और कानूनी दावँ पेच का लाभ लेकर वो लंबी पेशी प्राप्त करने में वह कामयाब रहा।

नगर निगम की मजबूरी है कि जनवरी तक जब तक न्यायालय का निर्णय नहीं आ जाता तब तक इस बदनाम ठेकेदार से ही सफाई कार्य करवाना पड़ेगा। निगम अधिकारियों का कहना है कि ठेकेदार ने लिखित में यह दिया कि वह पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले किसी भी संभाग में कार्य न करते हुए अब नगर निगम के संभाग क्रमांक 10,14 और 15 में काम करेगा।
घटिया कार्यप्रणाली के लिए बदनाम यह कंपनी अब रांझी, विजयनगर और सुहागी नगर निगम संभाग के अंतर्गत आने वाले वार्डों में काम करेगी। इसके कारण अब इन संभागों के अंतर्गत आने वाले वार्डो का काम देख रहे पार्षदों और अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है वह अधिक परेशानी में है क्योंकि बेशर्म प्रजाति के इस कंपनी के लोग शहर की सफाई व्यवस्था को महत्व देने के बजाय भ्रष्टाचार को महत्व देते हैं। इनका एक ही तोड़ है कि अगर सफाई व्यवस्था अच्छी नहीं है तो इनको संतुष्टि प्रमाण पत्र संबंधित पार्षद ना दें।

सख्त हैं आयुक्त अहिरवार

नगर निगम सूत्रों के अनुसार यह कचरा सफाई ठेकेदार इतना बदनाम है कि पूर्व के अधिकारी इसको अपने कक्ष में आने के पहले इसकी घड़ी चैन तक उतरवा लेते थे क्योंकि यह रिकॉर्डिंग कर अधिकारियों को ब्लैकमेल करने के लिए भी काफी चर्चित रहा है। अब यह सच्चाई उजागर होना बाकी है। कई सीएसआई नाम ना छापने की शर्त पर इसके कारनामे बता चुके हैं कि किस तरीके से उसने धोखे से वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करने का काम किया। जबकि पूरे षडयंत्रों का कर्ताधर्ता इसी कंपनी के संबंधित लोग रहे हैं। वर्तमान आयुक्त बड़ी गंभीरता से जबलपुर की जिम्मेदारियां का निर्वहन कर रहे हैं उनके तेवर भी सख्त हैं और निर्णय भी सख्त हैं। वर्तमान में 4 कचरा सफाई ठेकेदार कंपनियां नगर निगम में काम कर रही हैं लेकिन अधिकारियों का पूरा ध्यान इस बदमाश कृत्य करने वाली कंपनी पर है जिसने पूर्व में भी भ्रष्टाचार के कई काम किए हैं उन पर विशेष नजर रखने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं।

रांझी केंट विधानसभा के अंतर्गत आने वाला संभाग है। सुहागी पनागर
विधानसभा के अंतर्गत आने वाला संभाग है। विजयनगर उत्तर मध्य विधानसभा के अंतर्गत आने वाला संभाग है। यहां के लोगों से लेकर नगर निगम के अधिकारी सफाई कर्मचारी सुपरवाइजर सब चिंतित है।

कई कई महीने नहीं देता वेतन

बर्फानी सर्विसेज के मालिक रितेश टंडन के ऊपर कई बार यह आरोप लग चुके हैं कि वह अपने कर्मचारियों को चाहे वह सिक्योरिटी का काम कर रहे हों या बाउंसर का या फिर सफाई कर्मचारियों का इन्हें कई कई महीने तक वेतन भुगतान नहीं किया जाता और नगर निगम के समक्ष इसी ठेकेदार के द्वारा जबरदस्ती दबाव बनाने के लिए प्रदर्शन करवाया जाता है ताकि इसकी कारगुजारियों पर नजर न जाए और अधिकारी दबाव में आकर पूर्ण भुगतान कर दें।
बर्फानी कंपनी के तीन विधानसभा क्षेत्र के नगर निगम संभागों का काम करने के कारण भाजपा से लेकर अधिकारी तक नगर निगम के जिम्मेदारों के सामने अपनी चिंता और नाराजगी  व्यक्त कर चुके हैं।

 

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Jai Lok
Author: Jai Lok

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