
परिसीमन और वार्ड का नाम कर रहे परेशान
जबलपुर (जयलोक)। जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) चालू है, बीएलओ घर घर पहुंच रहे हैं। वे 2003 की मतदाता सूची में आपका नाम खोजने को बोलते हैं या माता पिता का नाम 2003 की वोटर लिस्ट में होना चाहिए। तभी आप स्ढ्ढक्र की सूची के प्रथम दौर को पूरा करेंगे अन्यथा आपको अपील करना होगी।

परिसीमन ने क्षेत्र बदले
अब 2003 में अपने जबलपुर की निर्वाचन की दृष्टि से क्या स्थिति थी….? पश्चिम विधानसभा का क्षेत्र राइट टाउन से लेकर चेरीताल से करमेता तक था। उत्तर विधानसभा को मध्य या सेन्ट्रल विधानसभा क्षेत्र कहते थे। जो सबसे सघन बसाहट वाला क्षेत्र था। इसी तरह केंट और पूर्व का भी अलग क्षेत्र रहा।
60 से 79 वार्ड हो गए
नगर निगम के तब 60 वार्ड थे जिसकी सीमा भी अलग थी। उस सीमा को बदले हुए भी लगभग 10 साल से ज्यादा हो गए हैं। अपने किसको वोट दिया था यह सोचना पड़ता है। 2003 का वोटर कार्ड शायद ही कुछ लोगों के पास मिले क्योंकि तकनीकी तौर पर इतना बदलाव हुआ है कि कागज पर लेमिनटेड कार्ड का स्थान पीवीसी के कलर कार्ड ने ले लिया है। यह स्थिति हम कथित उच्च या निम्न मध्यम वर्गीय परिवार की है फिर सोचिये जो गरीब हैं वे क्या करेंगे…?

सरनेम नहीं था
2003 की वोटर लिस्ट में पिता या पति का नाम होता था सरनेम बहुत कम लोगों के दर्ज हैं। जिनकी शादी 2003 के आसपास हुई है उनकी पत्नी के नाम नहीं हैं। अब इस नए नियमों के अनुसार पत्नी को दादा दादी माता पिता या चाचा के नाम का वोटर आईडी कार्ड अपने मायके से बुलाना होंगे।
क्रमश:….. 2
Author: Jai Lok







