
प्रयागराज। आजाद समाज पार्टी (काशीराम) के अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आज़ाद को प्रयागराज में हाउस अरेस्ट कर लिया गया। वे कौशांबी और करछना में हाल ही में हुई घटनाओं के पीडि़त परिवारों से मिलने जा रहे थे, लेकिन प्रशासन ने कानून-व्यवस्था के मद्देनजऱ उन्हें सर्किट हाउस से बाहर निकलने से रोक दिया। इसके विरोध में उन्होंने अपने समर्थकों के साथ सर्किट हाउस परिसर में ही धरना शुरू कर दिया।
इसी बीच शहर में हिंसा भडक़ गई। चंद्रशेखर रविवार को हाउस अरेस्ट हुए, जिसकी खबर तेजी से शहर में फैलते ही करछना इलाके में करीब 5,000 समर्थकों की भीड़ ने सडक़ पर जमकर हंगामा किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की 8 गाडिय़ों और 7 निजी वाहनों में तोडफ़ोड़ की, बसों पर पथराव किया और भड़ेवरा बाजार में ईंट-पत्थरों की बरसात कर दी गई। हिंसा के दौरान 15 लोग घायल हुए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। बाजार के स्थानीय दुकानदारों ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों ने सवर्ण समुदाय की दुकानों को निशाना बना कर तोडफ़ोड़ की।
पुलिस पर हमला, हालात बेकाबू- हालात बिगड़ते देख पुलिस ने लाठीचार्ज किया लेकिन प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद नैनी, करछना, घूरपुर, बारा, मु_ीगंज, औद्योगिक क्षेत्र समेत कई थानों की फोर्स, पीएसी और आरएएफ मौके पर भेजी गई। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद स्थिति पर काबू पाया गया।
17 कार्यकर्ता हिरासत में, 42 बाइकें सीज- पुलिस ने अब तक भीम आर्मी के 17 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है। मौके से 42 लावारिस बाइकें बरामद हुई हैं, जिन्हें पुलिस ने थाने में सीज कर दिया है। माना जा रहा है कि हिंसा में शामिल लोग पुलिस कार्रवाई के दौरान अपनी बाइकें छोडक़र भाग खड़े हुए।
जांच जारी, कानून-व्यवस्था पर सवाल- पुलिस मामले की जांच में जुटी है और उपद्रवियों की वीडियो फुटेज और सीसीटीवी के आधार पर पहचान की जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासन की तैयारी और सूचना तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Author: Jai Lok







