
पूछताछ में होंगे कई खुलासे
जबलपुर (जयलोक)। टोल घोटाले, धोखाधड़ी और करोड़ों के निवेश ठगी मामले में गिरफ्तार अमित खम्परिया को बुधवार को दोबारा कोर्ट में पेश किया गया, जहां से पुलिस ने 5 दिन की अतिरिक्त रिमांड हासिल की है। पुलिस ने कोर्ट में कहा कि ताजा मामलों में विवेचना, प्राप्त दस्तावेजों की जांच, नेटवर्क की पड़ताल और आगे की बरामदगी अभी बाकी है। इसके लिए आरोपी का और कस्टोडियल इंटरोगेशन जरूरी है। अमित खम्परिया 15 दिसम्बर तक पुलिस रिमांड पर हिरासत में रहेगा। गौरतलब है कि यह मामला हर दिन नए मोड़ ले रहा है।

आने वाले 5 दिनों की रिमांड में पुलिस हवाला और कैश रूट को जोडऩे की कोशिश करेगी। तीन दिन पहले पुलिस रिमांड के पहले चरण में खम्परिया से पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाली जानकारियाँ सामने आई थीं। पुलिस के अनुसार, पहले 48 घंटे में 17 नए फरियादी सामने आए थे, अब यह संख्या बढक़र 40 के पार जाने का अनुमान है, खम्परिया के पुराने खौफ के खत्म होते ही पीडि़त खुलकर सामने आ रहे हैं। रिमांड अवधि में पुलिस को मिले कई दस्तावेज़ों ने खम्परिया की जालसाजी की परतें खोल दी हैं पहचान बदलने के लिए उसने नया आधार, पैन, वोटर आईडी बनवाए। इन दस्तावेज़ों में अलग-अलग शहरों के पते इस्तेमाल किए गए।
इसके लिए नागपुर और मुंबई के दो एजेंटों की मदद लेने के प्रमाण मिले। टीम ने इन एजेंटों के मोबाइल नंबर, बैंक ट्रांजेक्शन और संभावित लोकेशन ट्रैक किए हैं। पुलिस का मानना है कि पहचान बदलकर खम्परिया ने कई बैंक अकाउंट खोले और इन्हीं खातों से करोड़ों का लेनदेन किया। पुलिस सूत्रों से मिल जानकारी के अनुसार अब तक की जांच में सामने आया है कि फरारी की अवधि में खम्परिया ने हवाला के जरिए रकम मंगाई और भेजी यह अब लगभग पुष्टि की दिशा में है। नागपुर से जब्त 4 मोबाइल नंबर संदिग्ध हवाला ऑपरेटरों से जुड़े मिले। कॉल डिटेल में कोड वर्ड, नकदी कलेक्शन, रकम पहुंचाने की तारीखें जैसी सूचनाएँ भी सामने आईं। जबलपुर और मंडला के 3 संदिग्धों को तलब कर पूछताछ की जा रही है।

इनका कहना है
अमित खम्परिया को 15 दिसम्बर तक रिमांड पर लिया गया है। इस दौरान उसके सहयोगियों, पिस्तौल सहित अन्य अपराधिक मामलों में पूछताछ की जा रही है।
जितेन्द्र सिंह, एएसपी

Author: Jai Lok







