
जबलपुर (जय लोक)। पैदल यात्रियों की सुरक्षा का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुँचा यहां सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए सडक़ों और विशेषकर फुटपाथों पर चलने वाले लोगों की सुरक्षा को गंभीरता से लिया और इसके लिए दिशा निर्देश भी दिए हैं। दस लाख से ज्यादा आबादी वाले 50 शहरों को में फुटपाथों का सुरक्षा ऑडिट करने और सुरक्षित पैदल पार पथ बनाने के आदेश दिए गए हैं। इन 50 शहरों में जबलपुर भी शामिल हैं। इसके साथ ही सडक़ों पर मनमाने तरीके से वाहन चलाने और मनमाने तरीके से वाहन पार्क करने वालों पर भी लगाम लगाने के आदेश दिए हैं। ऐसे मामले जबलपुर में ज्यादा देखने को मिलते हैं। जिसमें वाहन चालक मनमाने तरीके से सडक़ पर कहीं भी वाहन पार्क कर देते हैं इसके साथ ही वाहन चालकों की लापरवाही से हादसे होते हैं।
2023 के आंकड़ों के हिसाब से दोपहिया वाहनों में हुए हादसों में जबलपुर का पहला स्थान पर है। वाहन चालकों की रफ्तार का शौक आम लोगों को भी भुगतना पड़ रहा है। इसमें वे भी अछूते नहीं रह गए हैं जो फुटपाथ पर चलते हैं। शहर में बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाना, नीली पीली झिलमिलाती बत्ती और गलत लेन में गाड़ी चलाना युवाओं का शौक बन गया है। लेकिन अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुँचा और पैदल यात्रियों की सुरक्षा को गंभीरता से लिया गया है। सुप्रमी कोर्ट ने सडक़ों को सुरक्षित बनाने, पैदल यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए शिकायतों की निगरानी का निर्देश दिया है। 2023 के आंकड़ों को देखा जाए तो देशभर में 35 हजार पैदल यात्रियों की सडक़ हादसों में मौत हुई है। जिसमें सबसे बड़ा कारण दोपहिया वाहन चालक हैं।

सडक़ों पर फैला अतिक्रमण का जाल
पैदल राहगीरों के लिए सडक़ों पर फैला अतिक्रमण भी हादसों के लिए प्रमुख हैं वहीं फुटपाथों पर भी व्यापारियों ने अपने व्यापार के लिए कब्जा कर लिया है। फुटपाथ पर जिस तरह से अतिक्रमण कारियों ने कब्जा कर रखा है उससे पैदल राहगीरों को मजबूरन सडक़ों पर चलना पड़ता है जिससे उनके साथ हादसे हो रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने फुटपाथों को लेकर पाँच महत्वपूर्ण बिंदुओं को लेकर अपने आदेश दिए हैं। जिनमें फुटपाथ पर चलने वाले पैदल यात्रियों की सुरक्षा, सडक़ पर बने पैदल पार पथों को सुरक्षित बनाना, दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना जरूरी, गलत लेन में गाड़ी चलाने और असुरक्षित ओवर टेकिंग पर रोग तथा गाड़ी में तेज रफेद लाइट का प्रयोग रोकना और नीली लाल झिलमिलाती बत्तियों व हूटर पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

Author: Jai Lok







