
जबलपुर (जयलोक) । स्मार्ट मीटर को लेकर फिर विवाद खड़ा हो गया है। पहले तो स्मार्ट मीटर पर उपभोक्ताओं को लूटने का आरोप लगा और अब डरा धमकाकर घरों में मीटर लगाए जाने का आरोप लगाया जा रहा है। सौरभ नाटी शर्मा ने बताया कि आज उपभोक्ता वर्ग अपने अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए आवाज उठा रहा है। उनका कहना है कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति या अधिकारी के खिलाफ व्यक्तिगत रूप से नहीं है, बल्कि इस उद्देश्य से किया जा रहा है कि विभागीय प्रक्रियाएँ पूर्णत: पारदर्शी हों, उपभोक्ता की सहमति को प्राथमिकता दी जाए और कानून तथा सप्लाई कोड का कड़ाई से पालन हो। शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि शिकायतों पर शीघ्र और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई, तो उपभोक्ता संगठन को आंदोलन का दायरा और विस्तृत करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

इस घटना के कारण क्षेत्र में उपभोक्ताओं के बीच असुरक्षा और असंतोष का वातावरण उत्पन्न हो गया है, जिसे शांत करने के लिए प्रशासनिक हस्तक्षेप जरूरी है।
आधारताल क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर उपजे विवाद और उपभोक्ताओं द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद मोतीलाल नेहरू वार्ड के उपभोक्ता गोहलपुर थाना पहुँचे जहां उन्होंने विस्तृत शिकायत दर्ज करते हुए संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की।
उपभोक्ताओं का आरोप है कि आधारताल बिजली विभाग के कुछ अधिकारियों ने स्मार्ट मीटर स्थापना के दौरान लोगों को डराने, धमकाने, बिना अनुमति घरों में प्रवेश करने, महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करने और सप्लाई कोड का उल्लंघन करने जैसे कार्य किए हैं, जो अत्यंत चिंताजनक हैं।

श्री शर्मा ने बताया कि स्मार्ट मीटर से जुड़े तकनीकी पहलुओं, सुरक्षा, बिलिंग प्रणाली और उपलब्ध विकल्पों के बारे में प्रश्न पूछने पर अधिकारियों ने संवाद स्थापित करने के बजाय उपभोक्ताओं पर अनावश्यक दबाव बनाया। कई उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने उन्हें धमकाते हुए कहा कि यदि स्मार्ट मीटर नहीं लगवाया गया तो उनकी बिजली काट दी जाएगी और उनके खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा जैसे गंभीर प्रकरण दर्ज कर दिए जाएंगे।
घेराव में नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा ,आरिफ बैग अनुज श्रीवास्तव ,अशरफ मंसूरी, आजाद अंसारी, बाबू अमराईडर ,इकबाल चांद आमिर गुड्डा आबिद मंसूरी, नवाज़िश अंसारी, शफीक अली, ह्य द्म फैज , समीर अंसारी, संदीप जैन, फाजिल इंजीनियर, इम्तियाज अंसारी शहवाज मंसूरी, गुलाम जिलानी, आदि उपस्थित रहे।
Author: Jai Lok







