
कांग्रेस नेताओं ने कहा-अपने पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह की प्रतिमा के बारे में नहीं ली सुध
जबलपुर (जयलोक)। विगत दिनों नगर निगम सदन में कार्यवाही के दौरान सामान्य सभा की बैठक चल रही थी। इस बैठक में नेता प्रतिपक्ष ने एक मुद्दा उठाया जिसे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर की गई माँग बताया गया लेकिन इस बात से यह सवाल उठ गया कि अब यह मामला नगर निगम से संबंधित है नहीं तो फिर इसे सदन में क्यों उठाया गया। दलगत राजनीति से ऊपर उठने के चक्कर में ऐसे विषय को सदन में लाया गया जिसका नगर निगम से कोई लेना-देना नहीं है। प्रतिमाएं शासन के लोक निर्माण विभाग ने हटाई हैं और लगाना भी अब लोक निर्माण विभाग को है।
लेकिन इस माँग से कांग्रेस के अंदर चल रही खींचतान और अपने ही स्वर्गीय वरिष्ठ नेताओं को नजरअंदाज करने का मसला उठ खड़ा हुआ है। नेता प्रतिपक्ष ने भाजपा के पूर्व सांसद बाबूराव परांजपे और पूर्व मंत्री पंडित ओंकार तिवारी की प्रतिमाओं को लगाने की माँग सदन में उठाई।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह दोनों जबलपुर के राजनीति के महापुरुष थे और इन्हें आज भी याद किया जाता है इसलिए फ्लाई ओवर निर्माण के दौरान हटाई गई उनकी प्रतिमा को पुन स्थापित किया जाए।

उनकी इस माँग के बाद कांग्रेस के खेमे में यह बात तेजी से चल पड़ी की नेता प्रतिपक्ष को भाजपा के नेताओं स्व पंडित बाबूराव परांजपे और स्व. पंडित ओंकार तिवारी जैसे महापुरुषों की प्रतिमा की दलगत राजनीति से ऊपर पुन: स्थापित होने की चिंता हुई, लेकिन अपनी कांग्रेस पार्टी के दिग्गज और कद्दावर नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री पूर्व मुख्यमंत्री स्व. अर्जुन सिंह की प्रतिमा लगाने के संबंध में चिंता नहीं हुई। कुछ पूर्व पार्षद जिन्होंने अपने वरिष्ठ नेताओं की प्रतिमा स्थापित करने के वक्त सदन में इसके लिए मेहनत की थी उन्होंने बताया कि सदन से सर्वसम्मति से स्वर्गीय अर्जुन सिंह की प्रतिमा स्थापित किए जाने का प्रस्ताव पारित हो चुका है। इस बात को सालों बीत चुके हैं लेकिन इसके बावजूद भी उनकी प्रतिमा लगाने की दिशा में प्रयास नहीं हो रहे हैं।
कांग्रेस नेताओं ने ही आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि दलगत राजनीति से ऊपर उठकर शहर के महापुरुषों का सम्मान करना सकारात्मक बात हो सकती है लेकिन अपने ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के संबंध में सदन से निर्णय पारित होने के बावजूद भी उनकी प्रतिमा स्थापित करवाने की दिशा में कोई प्रयास न करना और चर्चा भी नहीं करना अच्छी बात नहीं माना जा सकता। नेता प्रतिपक्ष को इस दिशा में भी चिंता कर सदन में पुरजोर तरीके से मुद्दे को उठाना था और अपने वरिष्ठ नेताओं के प्रति भी इसी सम्मान के भाव से मजबूती से माँग को रखना था।
प्रतिमा स्थापना में नगर निगम की नहीं है कोई भूमिका
पंडित बाबूराव परांजपे एवं पंडित ओंकार तिवारी की प्रतिमा की स्थापना पूर्व में ही नगर निगम के द्वारा की जा चुकी थी। फ्लाई ओवर निर्माण के दौरान इन दोनों प्रतिमाओं को लोक निर्माण विभाग ने हटाया था एवं इनसे जुड़ी समितियों को आश्वासन दिया था कि फ्लाईओवर का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इन प्रतिमाओं को पुन: स्थापित कर दिया जाएगा। निगम सूत्रों के अनुसार यह कार्य अब लोक निर्माण विभाग को ही करना है इसमें नगर निगम की कोई भूमिका नहीं है।

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Author: Jai Lok







