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दारूखाना खुला हुआ है काहे की पुलिस…रोड पर बसें खड़ी हंै.. ये क्या काम कर रही माढ़ोताल पुलिस

भडक़े विधायक पाण्डे,थाना प्रभारी के कृपापात्र दारू व्यापारियों और बस संचालकों की मनमानी के कारण गाली खा रहा स्टॉफ

जबलपुर जय लोक। पूर्व में लगातार यह बात उजागर होकर आ रही थी कि माढ़ोताल थाना के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में अपराधी और अपराध दोनों निरंकुश है। जब अखबारों में यह खबरें प्रकाशित हो रही थी तो इसे निराधार बताया जा रहा था।
अब क्षेत्रीय विधायक अभिलाष पांडे ने मौके पर पहुंचकर देखा कि कैसे खुलेआम  दीनदयाल चौराहे के पास स्थित शराब दुकान के पास ही दारुखाना खुला हुआ है। सूत्रों का कहना है कि चौकी में पदस्थ स्टाफ, पेट्रोलिंग स्टाफ और गश्त पर निकली पुलिस को इन लोगों को रोकने टोकने का ज्यादा अधिकार नहीं है क्योंकि यह थाना प्रभारी नीलेश दोहरे के खास हैं। यह बात तार्किक भी इसलिए लगती है क्योंकि बिना थाना प्रभारी की मर्जी के और मौन अनुमति के इस प्रकार खुले आम मुख्य चौराहे पर अवैध आहाता संचालित नहीं हो सकता।
सूत्रों ने बताया कि विगत दिनों चौकी में पदस्थ कुछ पुलिस कर्मी जब अवैध आहाते को  बंद कराने पहुंचे थे  तो शराब ठेकेदार के लोगों ने उनसे विवाद शुरू कर दिया था। उसके बाद तत्काल थाना प्रभारी ने चौकी प्रभारी और अन्य लोगों को वहां से हट जाने के लिए कहा था। रात को पेट्रोलिंग करने वाला स्टाफ भी जब यहां पर शराब दुकान से अवैध रूप से नियम के खिलाफ बिकने वाली शराब को रोकने पहुंचता है तब भी इसी प्रकार से उन्हें फोन कर मौके से हटा दिया जाता है।
क्षेत्र की जिम्मेदारी थाना प्रभारी की स्टाफ को बनाया जा रहा बलि का बकरा
किसी भी थाना क्षेत्र में अपराध को रोकना ,यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना और अव्यवस्थाओं को पनपने ना देने की जिम्मेदारी थाना प्रभारी की होती है। लेकिन जिस प्रकार से कल क्षेत्रीय विधायक अभिलाष पांडे ने माढ़ोताल पुलिस की व्यवस्थाओं को देखा उससे तो यह बिल्कुल ही सत्य लगता है कि इसको पनपने देने की जिम्मेदारी जैसे थाना प्रभारी ने उठा रखी है।

क्षेत्रीय लोगों की नहीं होती सुनवाई भटक रहे लोग

मदर टेरेसा में रहने वाली एक महिला जिनका नाम राजेश्वरी वाजपेई है उनको कई दिनों से क्षेत्र के असामाजिक तत्व परेशान कर रहे हैं और पुराने मारपीट के एक मामले में जबरदस्ती दबाव बनाकर गवाही बदलने का दबाव डाल रहे हैं। इस बात की शिकायत पीडि़त महिला ने कई बार थाने से लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक कर दी। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से थाने में फोन भी गया कि कार्यवाही की जाए लेकिन आज तक महिला भटक रही है और उसे लगातार धमकाया जा रहा है। महिला जब भी थाना प्रभारी को फोन लगाती है तो कभी फोन ही नहीं उठाते यहां तक की सामने खड़े होकर भी फोन काट देते हैं।

दूसरे थाने का सिपाही कर रहा वसूली करने का कार्य

माढ़ोताल थाने के अलावा पूरे संभाग में यह चर्चा है कि हाल ही में थाने से स्थानांतरण होकर समीप के एक थाने में पदस्थ हुए चर्चित पुलिस कर्मी थाना प्रभारी से अपनी पुरानी यारी निभाते हुए दोनों तरफ का काम कर रहा है। हाइवा डंपर के संचालकों से अवैध रूप से गिट्टी और रेत, मुरम के अवैध परिवहन का महीना बंधा हुआ है। इसलिए तो थाने के सामने से रोजाना दर्जनों ऐसे वाहन निकल जाते हैं लेकिन एक पर भी कार्यवाही नहीं होती है। आजकल सीसीटीवी सबसे बड़ा प्रत्यक्ष प्रमाण और आईना है जिसकी जांच से पुलिस अधिकारी की नियत और नीति दोनों पता चल जाती है।

कोई तीरंदाज हो तो यहां दारुखोरी बर्दाश्त नहीं होगी, कल से नहीं चाहिए  बसों की पार्किंग

विधायक अभिलाष पांडे कल जब मौके पर पहुंचे तो वहां पर खुलेआम शराब खोरी का नजारा उन्होंने खुद अपनी आंखों से देखा।  पूरे आईएसबीटी बस स्टैंड के इर्द-गिर्द सडक़ों पर ही बसें खड़ी थीं। बसों के इस जाल के कारण आम आदमी बेहद परेशान है। नाराज विधायक ने खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि  शराब खोरी की यह स्थिति और यह अवैध दुकान किसी भी हाल में चलने नहीं दूंगा। कल से बसें रोड पर खड़ी नहीं होना चाहिए। जनप्रतिनिधि की इस खुली नाराजगी और खुली चेतावनी का कितना असर होगा यह एक-दो दिन में ही समझ में आने लगेगा।

सैयां भये कोतवाल… तो  बस संचालकों और शराब विक्रेताओं को मिली खुली छूट

एक बहुत पुरानी और प्रचलित कहावत है कि जब सैया भये कोतवाल तो डर काहे का…. वर्तमान समय में यह कहावत माढ़ोताल थाने में यथार्थ होती नजर आ रही है।
पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय जितनी कड़ी व्यवस्था कानून की जिले में चाहते हैं इस थाने में उतनी ही लचर व्यवस्थाएं रोजाना ही उजागर हो रही हैं। पीडि़तों की सुनवाई न होना, दीनदयाल से लेकर पाटन रोड तक बसों का सडक़ पर तांडव जहां मर्जी वहां वहां खड़े करना यातायात व्यवस्था को नर्क जैसा बना देता है। इसके अलावा क्षेत्र में मौजूद शराब दुकानों से रात 1:30 -2 .00 बजे तक शराब बिकना आम बात है। यहां तक की पूरे क्षेत्र में चर्चा है कि शराब माफिया से माढ़ोताल थाने में 15 हजार महीना एक पैकारी का लिया जा रहा है। पाटन, सूखा तक धड़ल्ले से अवैध रूप से शराब गांव-गांव बिकवाई जा रही है। अवैध रूप से रेत मुरुम लेकर परिवहन करने वाले हाईवे और डंपर को थाने के सामने से गुजरने की पूरी छूट है।

 

 

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Jai Lok
Author: Jai Lok

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