
जबलपुर (जयलोक)। नगर निगम के सफाई एवं अन्य ठेकों में सेवाएं दे रहे हज़ारों आउट सोर्स कर्मचारियों की ईपीएफ राशि में बेधडक़ की जा रही करोड़ों रुपयों की अनियमितता को पूर्व विधायक विनय सक्सेना ने बेपर्दा कर दिया है। इस मामले को लेकर अपने साथियों एवं एक प्रतिनिधि मंडल के साथ विजय नगर स्थित भविष्य निधि संगठन कार्यालय पहुँचकर उन्होने ईपीएफ कमिश्नर राकेश सहरावत से मुलाकात की और नगर निगम में आउट सोर्स कर्मचारियों की ईपीएफ राशि कटौती में बड़ी धांधली का पर्दाफाश किया।

भविष्य निधि संगठन आयुक्त राकेश सहरावत को सौंपे गए पत्र में विनय सक्सेना ने बताया है कि नगर निगम के स्वास्थ्य कर्मी, सुरक्षा कर्मी, सफाई कर्मी, कम्प्यूटर ऑपरेटर, उद्यान विभाग, प्रकाश विभाग, अतिक्रमण दस्ता, हाकगैंग आदि में कुल मिलाकर हज़ारों की संख्या में ठेका पद्धति से आउट सोर्स कर्मचारी काम पर रखे गए हैं। कर्मचारियों की शिकायत है कि उन्हें उनकी ईपीएफ राशि का भुगतान नहीं हो रहा है। इसे लेकर शासन के निर्देशों एवं नियमावली अनुसार तत्काल कार्रवाई करने और कर्मचारियों के हित संरक्षण की माँग की गई है।

श्री सक्सेना ने बताया कि नगर निगम जबलपुर द्वारा दिये गए ठेकों में से अकेले सफाई ठेके में ही काम पर लगाए गए आउट सोर्स कर्मचारियों की संख्या पाँच हजार से अधिक है लेकिन ठेकेदारों द्वारा इन कर्मचारियों के मासिक वेतन में से काटी जा रही ईपीएफ एवं ईएसआईसी की राशि जब नियम अनुसार ईपीएफ कार्यालय में जमा नहीं कराई जा रही तो फिर करोड़ों रुपयों की यह राशि आखिर किसकी तिजोरी में जमा हो रही है? कर्मचारियों का 3 दिन का पीएफ जमा करते हैं जबकी भुगतान 30 दिनों का होता है।

नगर निगम में कार्यरत आउट सोर्स कर्मचारियों के हित में ईपीएफ कमिश्नर जबलपुर को सौंपे गए पत्र में इस मामले पर गंभीरता से जाँच पड़ताल कर तत्काल कार्रवाई एवं कर्मचारियों के हित संरक्षण करने की मांग पूर्व विधायक विनय सक्सेना ने की है। इस मौके पर सुसीम धर, केशव नारायण कोरी, रंजीत ठाकुर, रिंकू ठाकुर, सौरभ नामदेव, आयुष पहरिया, एजाज उस्मानी, सिद्धांत जैन, वलीम खान, अजय रावत, सौरभ रैकवार आदि साथीगण भी उपस्थित रहे।
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Author: Jai Lok







