
पूर्व सिविल सर्जन को नोटिस जारी
सतना (जयलोक)। सतना जिले में थैलेसीमिया से पीडि़त बच्चों को एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाए जाने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। प्राथमिक जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ब्लड बैंक प्रभारी सहित तीन कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही सिविल सर्जन से जवाब तलब किया है।
मामले पर अब लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा की गई इस कार्रवाई में ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. देवेंद्र पटेल, लैब टेक्नीशियन रामभाई त्रिपाठी और नंदलाल पांडेय को निलंबित किया गया है। वहीं, तत्कालीन सिविल सर्जन डॉ. मनोज शुक्ला को शो-कॉज नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। यह कदम राज्य स्तरीय जांच समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद उठाया गया है।
स्टेट टीम ने 11 घंटे तक की जाँच
जांच में स्वास्थ्य आयुक्त तरुण राठी के निर्देश पर गठित छह सदस्यीय राज्य स्तरीय टीम ने जिला अस्पताल में करीब 11 घंटे तक गहन जांच की। इस दौरान वर्ष 2023 से अब तक किए गए सभी ब्लड ट्रांसफ्यूजन से जुड़े दस्तावेज और रिकॉर्ड खंगाले गए। जांच में केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के दो सेंट्रल ड्रग इंस्पेक्टर भी शामिल रहे।
12 रजिस्टर जब्त 200 डोनर जांच के घेरे में
जांच टीम ने ब्लड संग्रहण और वितरण से जुड़े करीब 12 रजिस्टर जब्त किए हैं। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह के रिकॉर्ड को सील कर लिया गया है। सूत्रों के अनुसार, एचआईवी संक्रमित पाए गए बच्चों से जुड़े लगभग 200 रक्तदाता अब जांच के दायरे में आ चुके हैं, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।

Author: Jai Lok







