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भोपाल के ग्राउंड वॉटर में मिला इंदौर जैसा खतरनाक ई-कोलाई बैक्टीरिया

भोपाल (जयलोक)। राजधानी भोपाल में पानी की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ गई है। नगर निगम की ताजा जांच में शहर के चार पानी के सैंपल फेल पाए गए हैं। इनमें से तीन स्थानों पर वही खतरनाक ई-कोलाई बैक्टीरिया मिला है, जिसने इंदौर में हाल ही में 18 लोगों की जान ले ली थी। रिपोर्ट सामने आते ही नगर निगम हरकत में आया और प्रभावित इलाकों में भूगर्भ जल के उपयोग पर तत्काल रोक लगाने की सलाह जारी की गई। नगर निगम द्वारा मंगलवार को शहर के विभिन्न क्षेत्रों से करीब 250 पानी के सैंपल लिए गए थे। जांच रिपोर्ट में आदमपुर छावनी के दो स्थानों, खानू गांव के एक कुएं और बाजपेई नगर के एक नलकूप के पानी में ई-कोलाई बैक्टीरिया की पुष्टि हुई है। इसके बाद देर रात अधिकारियों ने संबंधित क्षेत्रों के रहवासियों को ग्राउंड वाटर का इस्तेमाल न करने के निर्देश दिए।
लोगों में दहशत, स्वास्थ्य विभाग सतर्क
ई-कोलाई की पुष्टि के बाद प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोग दहशत में हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इस बैक्टीरिया से उल्टी, दस्त, पेट दर्द, बुखार, डिहाइड्रेशन, यहां तक कि किडनी फेलियर और हैजा जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों के लिए यह संक्रमण जानलेवा साबित हो सकता है।
क्या है ई-कोलाई और क्यों खतरनाक?
ई-कोलाई (एशरीशिया कोलाई) आमतौर पर इंसानों और जानवरों की आंतों में पाया जाने वाला बैक्टीरिया है। इसके कुछ प्रकार नुकसान नहीं पहुंचाते, लेकिन जब यह पीने के पानी में पाया जाता है, तो इसका मतलब होता है कि पानी मल या गंदगी से प्रदूषित है। ऐसा पानी स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक होता है।
निगम ने बंद कराए संदिग्ध जल स्रोत
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि जिन इलाकों में पानी के सैंपल फेल हुए हैं, वहां भूगर्भ जल से होने वाली सप्लाई फिलहाल बंद कर दी गई है। अधिकारियों के मुताबिक, खानू गांव के जिस नलकूप का पानी खराब पाया गया है, उसका उपयोग आमतौर पर पीने के लिए नहीं किया जाता, फिर भी एहतियातन उसे सील कर दिया गया है। गुरुवार से इन क्षेत्रों में वैकल्पिक जल आपूर्ति की व्यवस्था की जाएगी।
नागरिकों से उबालकर पानी पीने की अपील
बता दे कि एक दिन पहले तक नगर निगम का दावा था कि शहर में लिए गए 1453 सैंपलों में से कोई भी फेल नहीं हुआ है। लेकिन चार सैंपल फेल होने के बाद निगम ने सफाई दी कि यह समस्या निगम की सप्लाई लाइन की नहीं, बल्कि ग्राउंड वाटर से जुड़ी है। वहीं, शहर से हर घंटे गंदे पानी की दो शिकायतें निगम को मिल रही हैं, जिन्हें सुधारने का दावा किया जा रहा है। नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि प्रभावित इलाकों में उबालकर या फिल्टर किया हुआ पानी ही इस्तेमाल करें। खुले कुएं, हैंडपंप या नलकूप का पानी न पिएं। हाथों की साफ-सफाई और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आगे की जांच के बाद अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।

 

वायु प्रदूषण के खिलाफ वाटरिंग और धुलाई अभियान

Jai Lok
Author: Jai Lok

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