
जबलपुर (जयलोक)। इंदौर के बाद अब शहर के मेडिकल अस्पताल में चूहों के काटने की घटना सामने आई है। जिसमें दो महिलाओं के पैरों को चूहों ने काटा। जिसके बाद महिला दर्द से चीख उठी, देर रात हुई इस घटना की जानकारी मरीज के परिजनों ने नर्सों को दी लेकिन इसे सामान्य घटना बताते हुए मामले को टालने का प्रयास किया गया। मेडिकल कालेज के मानसिक रोग विभाग के भरती मरीजों के परिजनों ने देर शाम बताया कि मरीजों के पैर में चूहों ने काटा है।
इस बात की खबर मिलते ही विभाग अध्यक्ष, अधीक्षक व डीन ने इसकी जांच के निर्देश दिए। शुरुआती जांच में पता चला कि मानसिक रोग विभाग में पदस्थ डॉक्टर व कर्मचारियों ने इसमें भारी लापरवाही बरती है। मानसिक रोग विभाग के भवन में रेनोवेशन का कार्य चल रहा है। ऐसे में विभाग का संचालन अस्थि रोग विभाग के भवन से किया जा रहा है। घटना इसी भवन के प्रथम तल में मौजूद वार्ड की है। गौरतलब है कि हाल ही में इंदौर के एमवाय अस्पताल में चूहों के काटने के बाद 2 नवजातों की मौत की घटना सामने आई थी। जिस पर हाईकोर्ट ने भी संज्ञान लेकर सरकार से रिपोर्ट मांगी थी।

काटने के बाद युवती को लगाए 3 इंजेक्शन
रेट बाइट का शिकार हुई सिहोरा निवासी 25 वर्षीय रजनी यादव ने बताया कि सिर दर्द की समस्या के बाद उसे मानसिक रोग विभाग में भर्ती किया गया था। रात को चूहे ने पैर में काट लिया, जिससे गहरा लाल निशान बन गया। परिजनों ने बताया कि चूहों ने उनके दोनों पैरों की एडिय़ों को कुतर दिया है। डॉक्टर को बताने पर उन्होंने इंजेक्शन लगवाने की सलाह दी। जिसके बाद तीन इंजेक्शन लगे। शनिवार को डिस्चार्ज कर दिया गया।
महिला के पैर में काटा फिर एड़ी पर किया हमला
एक 50 वर्षीय महिला सरोज मेहरा भी इस लापरवाही का शिकार बनी है। उनके बेटे ने बताया कि मां को इलाज के लिए भर्ती कराया था। 2 दिन बाद ही चूहों ने मां की एड़ी काट ली। अगले दिन चूहों ने उनके पैरों को भी नहीं छोड़ा और एड़ी पर हमला कर दिया।

डीन ने कार्यवाही का लिया फैसला
इस मामले में यह बात भी सामने आ रही है कि लापरवाही हुई है। मेडिकल कॉलेज के डीज डीन डॉ. नवनीत सक्सेना ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। और उन्होंने अधीक्षक तथा अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्यवाही करने का निर्णय लिया है।
वार्डों में चूहों की भरमार
मेडिकल अस्पताल के वार्डों में मरीज चूहों से डरे नजर आ रहे हैं। कल रात को हुई घटना के बाद अब मरीज कहने लगे हैं कि यह हालात मेडिकल के पूरे वार्ड के हैं। खास बात यह है कि कई माह से चूहें यहां उछलकूद कर रहे हैं लेकिन मेडिकल प्रबंधन ने इस मामले में कोई कदम नहंी उठाया।
हिंदू धर्म की रक्षा के लिए परिवर्तन एवं परिवद्र्धन आवश्यक है
Author: Jai Lok







