
लगभग 35 करोड़ रुपये ऐसे लाभार्थियों को दिए गए जो पात्र नहीं थे
मुंबई। महाराष्ट्र की लोकप्रिय लाडकी बहिन योजना आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को हर महीने वित्तीय सहायता प्रदान करती है। योजना का लाभ 21 से 65 वर्ष की विवाहित, विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्त महिलाओं को मिलता है, जिनकी वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम हो। इस योजना ने महाराष्ट्र की राजनीति में भी अहम भूमिका निभाई और 2024 विधानसभा चुनाव में महायुति की जीत में योगदान माना गया। हालिया जांच में पता चला कि लगभग 35 करोड़ रुपये ऐसे लोगों को दिए गए जो इसके पात्र नहीं थे। 1,526 सरकारी कर्मचारियों ने कुल 14.5 करोड़ रुपये अवैध रूप से प्राप्त किए। इसके अलावा 14,298 पुरुषों की पहचान हुई जिन्होंने योजना का गलत फायदा उठाया। कुल 26.3 लाख संदिग्ध खातों में कई परिवारों के एक से अधिक सदस्य शामिल थे या वही व्यक्ति अन्य योजनाओं का लाभ ले रहे थे। सरकार ने इन सभी अपात्र लाभार्थियों से राशि वसूलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सरकारी कर्मचारियों के मामले में महाराष्ट्र सिविल सेवा नियमों के तहत कटौती की कार्रवाई की जाएगी। जून 2025 से इन अपात्र खातों का भुगतान रोक दिया गया। फरवरी 2025 तक लगभग 5 लाख अपात्र लोगों को सूची से हटा दिया गया। लाडकी बहिन योजना ने गरीब महिलाओं को आर्थिक मदद देने के साथ-साथ राजनीतिक रूप से भी अहम भूमिका निभाई। हालांकि, हालिया घोटाले ने योजना की विश्वसनीयता को प्रभावित किया है। सरकार अब सख्त निगरानी और सत्यापन अभियान के जरिए योजना के दुरुपयोग को रोकने पर जोर दे रही है।
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Author: Jai Lok







