अविचल धर्म, अडिग प्रेम : अयोध्या से वन तक का त्यागमयी पथ : शंकराचार्य सदानंद जी
नरसिंहपुर (जयलोक)। द्वारकाशारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी ने कहा कि सीता का संकल्प ‘पति का धर्म, पत्नी का भाग्य’ चातुर्मास के 25वें दिन पूज्य शंकराचार्य जी महाराज ने श्रीरामकथा के उस करुण और प्रेरणादायक प्रसंग का वर्णन किया, जहाँ माता सीता का त्याग, प्रेम और स्त्रीधर्म का आदर्श स्वरूप सामने आया।जब भगवान … Continue reading अविचल धर्म, अडिग प्रेम : अयोध्या से वन तक का त्यागमयी पथ : शंकराचार्य सदानंद जी
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