आध्यात्मिक विकास की यात्रा के पड़ाव हैं – जन्म और मृत्यु

ओम प्रकाश श्रीवास्तव आईएएस अधिकारी तथा धर्म और अध्यात्म के साधक सृष्टि में न कुछ नया पैदा होता है न नष्ट होता है। बस अव्यक्त से व्यक्त और फिर अव्यक्त होता रहता है। समष्टि के स्तर पर व्यक्त होने को सृष्टि और अव्यक्त होनें को प्रलय कहते हैं। व्यष्टि स्तर पर यही जन्म और मृत्यु … Continue reading आध्यात्मिक विकास की यात्रा के पड़ाव हैं – जन्म और मृत्यु