एक बार साफ-साफ बतला दो, करोगे कि नहीं…

चैतन्य भट्ट (जय लोक)। प्रदेश में निगमों, मंडलों आयोगों प्राधिकरणों में राजनीतिक नियुक्तियाँ का एक अंतहीन सिलसिला चल रहा है अपने को तो ये मालूम था कि हर चीज का अंत हो जाता है लेकिन ये नहीं मालूम था कि अपने ही प्रदेश में निगमों, मंडलों आयोगों, प्राधिकरणों में राजनीतिक नियुक्तियों का अंत कभी नहीं … Continue reading एक बार साफ-साफ बतला दो, करोगे कि नहीं…