काशीनाथ होते तो वे मुरारी बापू को सुनते और लिखते

रवींद्र दुबे, (जय लोक)। वरिष्ठ पत्रकार काशीनाथ शर्मा ‘गुरु’ को हम सब से बिछड़े एक वर्ष हो गया इस एक साल में शायद ही कोई दिन ऐसा रहा होगा, जब काशीनाथ जी की चर्चा न हुई हो। कोई भी आयोजन हो, दुख का हो, या सुख का जब भी सब मिलते किसी न किसी बहाने … Continue reading काशीनाथ होते तो वे मुरारी बापू को सुनते और लिखते