जिसने सबको समेट लिया था वो अब खुद सिमट गया…..
चैतन्य भट्ट ये मतदाता भी बड़ी ऊंची चीज है कोई उसके मन को नहीं समझ सकता कि उसके मन में क्या चल रहा है। नेता तमाम वायदे कर दें, दुनिया भर के सब्ज बाग दिखा दें लेकिन वो वोट किसको देगा ये कई बार उसे भी नहीं पता रहता। अब देखो ना दिल्ली के विधानसभा … Continue reading जिसने सबको समेट लिया था वो अब खुद सिमट गया…..
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