
जयलोक की खबर का असर, तथाकथित अध्यक्ष को नगर निगम ने भेजा नोटिस
जबलपुर (जय लोक)। चंडालभाटा ट्रांसपोर्ट नगर व्यापारी संघ के तथाकथित अध्यक्ष राजेश अग्रवाल उर्फ बबलू ने खुद ही 13 प्लॉट हथिया लिए। वहीं एक ट्रांसपोटर्स सुधीर कुमार भागचंदानी ने खुद भी 9 प्लॉट अपने परिवारजनों के नाम से हड़प लिए। इसके साथ ही भागचंदानी ने बबलू अग्रवाल द्वारा हड़पे गए 13 प्लॉटों में से 8 प्लॉट किराए पर ले लिए। इस पूरे घटनाक्रम में दर-दर भटक रहे वास्तविक ट्रांसपोर्टरों को जगह नहीं मिल पाने के कारण नुकसान हुआ और उनका हक मारा गया। इस आशय की शिकायत नगर निगम के तेज तर्रार आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार के समक्ष आई तो उन्होंने तत्काल गंभीर अनियमितता और निगम प्रशासन से धोखाधड़ी को प्रतिलक्षित करने वाले इस मामले में अतिरिक्त कमिश्नर और संपदा अधिकारी का दल गठित कर तीन दिनों के अंदर जाँच करने के निर्देश दे दिए हैं। आयुक्त श्री अहिरवार ने जयलोक से चर्चा करते हुए बताया कि इस संबंध में शिकायत प्राप्त हुई है। राजेश उर्फ बबलू अग्रवाल को नोटिस भी जारी किया गया है। जाँच के उपरांत गड़बड़ी और शिकायत सही पाए जाने पर प्लॉटों की लीज निरस्त करने की कार्यवाही की जाएगी।
विगत एक जनवरी को दैनिक जयलोक ने चंडालभाटा ट्रांसपोर्ट नगर में हुई इस गड़बड़झाले और धोखाधड़ी से की गई प्लॉटों की डाकेजनी पर प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। शिकायत में स्पष्ट रूप से भूखंडों के नम्बरों एवं दस्तावेजों के साथ इस बात का उल्लेख था कि ट्रांसपोर्ट नगर के अध्यक्ष ने खुद 13 प्लॉट अपने परिजनों के नाम से हड़प लिए हैं। इसके साथ ही सुधीर भागचंदानी ने भी 9 प्लॉट हड़पे हैं। जबकि स्पष्ट नियम है कि एक व्यक्ति या एक फर्म को इतने अधिक प्लॉट आवंटित नहीं हो सकते।

ट्रांसपोर्टरों को व्यवस्थित करने बनाया गया था ट्रांसपोर्ट नगर

नगर निगम जबलपुर द्वारा चंडालभाटा में बसाए गए ट्रांसपोर्ट नगर में 572 ट्रांसपोटर्स के लिए प्लॉट बनाए थे। इसका मुख्य उद्देश्य शहर के बीच तंग इलाकों में व्यवसाय कर रहे ट्रांसपोर्टरों को व्यवस्थित स्थान दिया जाए और शहर के लाखों नागरिकों को रोजाना होने वाली जाम की समस्या दुर्घटनाओं से राहत मिल सके। यातायात व्यवस्था सुचारू बन सके। लेकिन इन प्लॉटों में से बहुत सारे प्लॉट गैर ट्रांसपोर्टरों ने हथिया लिए हैं। वहीं अब जब ट्रांसपोर्ट नगर के प्लॉटों की लीजों का नवीनीकरण होना है तब जबलपुर गुड्स ट्रांसपोर्ट टेक्निक एसोसिएशन ने नगर निगम आयुक्त को कई बार ये ज्ञापन सौंपे हैं कि अवैध रूप से ट्रांसपोर्ट नगर के अध्यक्ष राजेश उर्फ बबलू अग्रवाल और ट्रांसपोटर्स भाग चंदानी के प्लॉटों को निरस्त किया जाए।

जबलपुर गुड्स ट्रांसपोर्ट (टेक्निक) एसोसिएशन ने 26 दिसंबर 2025 को नगर निगम आयुक्त, अपरआयुक्त और सहायक आयुक्त संपदा को एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में ट्रांसपोर्ट नगर में सुधीर रोड ट्रांसपोर्ट एवं मुंबई गोल्डन ट्रांसपोर्ट के मालिक सुधीर भागचंदानी के द्वारा अपने एवं परिवार के नाम पर 9 भूखंडों पर गोदामें बनाकर तथा 9 भूखंडों को किराए पर लेकर कुल 18 भूखंड हड़पे गए हैं। जो भूखंड भागचंदानी ने हड़पे हैं उनमें सुनील कुमार भागचंदानी भूखंड कमांक एफ-2, एफ-3 तथा एफ-9, भूखंड क्रमांक डी-23 तथा जी-2 में गोदामें बनाई हैं। सुधीर कुमार भागचंदानी ने भूखंड क्रमांक एफ-10/1, डी-24 में गोदाम बनाई हैं। वहीं काजल भागचंदानी ने भूखंड डी-1, डी-2 भूखंड में गोदामें बनाई हैं।
13 भूखंडों को राजेश अग्रवाल ने हड़पा
इन भूखंडों की होगी जाँच किराए पर लिए 9 भूखंड
ट्रांसपोटर्स सुधीर कुमार भागचंदानी ने ट्रांसपोर्ट नगर के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल द्वारा हड़पे गए 9 भूखंडों को किराए पर ले लिया और निर्मांण कर इन सभी को किराए पर दे दिया। ये भूखंड क्रमांक डी-9, डी-16, इ-20, इ-21, इ-22, इ-23, इ-24, इ-23/बी-1, इ-23/बी-2 भी हैं।
जबलपुर गुड्स ट्रांसपोर्ट टेक्निक एसोसिएशन ने 15 अप्रेल 2025 को आयुक्त को एक ज्ञापन सौंपा था। जिसमें ट्रांसपोर्ट नगर में राजेश अग्रवाल अध्यक्ष ट्रांसपोर्ट नगर व्यापारी संघ के द्वारा अपने व अपने परिवार के नाम पर 13 भूखंडों को हड़पकर किराए पर दिए जाने की शिकायत की गई। इस शिकायत में यह भी बताया गया कि राजेश अग्रवाल और उसके परिवार का कोई भी सदस्य वैधानिक रूप से ट्रांसपोर्टर नहीं हैं। राजेश अग्रवाल ने खुद भूखंड क्रमांक डी-9, डी-16, भूखंड क्रमांक 57, नीलम अग्रवाल पत्नी राजेश अग्रवाल के नाम इ-7, इ-23, भूखंड क्रमांक 33, और 56, श्रीमती सुशीला अग्रवाल माँ राजेश अग्रवाल भूखंड क्रमांक 8/1, इ-39/2, पंखुड़ी अग्रवाल पिता राजेश अग्रवाल भूखंड क्रमांक इ-22, पुलकित अग्रवाल पिता राजेश अग्रवाल भूखंड क्रमांक इ-23, बी-1 तथा इ-23, बी-2 भूखंडों को हथियाया गया है। नगर निगम द्वारा अभी लीज का नवीनीकरण होना बाकी है। अब यह देखना है कि नगर निगम ट्रांसपोर्ट नगर में प्लॉटों की डकैती करने वालों के खिलाफ क्या कारज़्वाही करती है और उनके भूखंड निरस्त होंगे या नहीं यह भी कारज़्वाही होगी या नहीं इस पर ट्रांसपोर्टरों की नजरें लगी हुई हैं।
Author: Jai Lok






