जबलपुर, (जयलोक )। प्रोफेसर भारती वत्स मूलत: कवि हैं, पर साहित्य केवल कागज और कलम तक ही सीमित नहीं होता, वह गहरी संवेदनाओं से उपजता है और वे संवेदनाएं रचनाकार के सार्थक सरोकारों से जन्मती हैं। भारती जी का संपूर्ण व्यक्तित्व एक ऐसे बौद्धिक का व्यक्तित्व है, जो समाज की असंगत धाराओं को बदलने के … Continue reading दैनिक जयलोक – प्रणाम जबलपुर-87 वॉ व्यक्तित्व, भारती वत्स : कविता से जेंडर सरोकारों तक की सक्रियता राजेंद्र चन्द्रकान्त राय
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