
जबलपुर (जयलोक)। नियत अगर खराब हो तो नियती भी जल्द ही खराब हो जाती है। ऐसा ही कुछ जबलपुर के डॉक्टर दंपत्ति सुमित जैन और प्राची जैन के साथ घटित हुआ। समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों में इस बात का उल्लेख पूर्व में आ चुका है कि डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव की संपत्ति में से 11 हजार वर्गफुट भूमि को धोखाधड़ी से हथियाने के लिए डॉक्टर जैन दंपत्ति ने 70-72 लाख रूपये गिफ्ट डीड की स्टॉम्प ड्यूटी एवं अन्य खर्चों में लगा दिए थे। अब इस धोखाधड़ी के चक्कर में जैन दंपत्ति के लाखों रूपये भी डूब गए और कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह के निर्देश पर जाँच कर रहे एसडीएम अधारताल पंकज मिश्रा ने जांच की। उनके प्रतिवेदन पर पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय के निर्देश पर डॉक्टर दंपत्ति के खिलाफ मदन महल थाने में एफआईआर भी दर्ज हो गई है।

राइट टाउन प्रेम मंदिर के पास रहने वाली डॉ. हेमलता की मौत के बाद उनकी बेशकीमती जमीन के एक हिस्से को अपने नाम दानपत्र लिखवाने वाले डॉ. सुमित जैन और उनकी पत्नी प्राची जैन के खिलाफ धोखाधड़ी कर जमीन हड़पने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। डॉ. हेमलता की राइट टाउन में 50 करोड़ कीमत की 25 हजार 47 वर्गफीट जमीन थी। उनके पति और बेटे की मौत के बाद दो जनवरी को जमीन का 11 हजार वर्गफुट का एक हिस्सा डॉक्टर दंपत्ति को दानपत्र के जरिए दिया गया।

जिसमें शर्त थी कि उक्त जमीन का विक्रय नहीं किया जा सकता और जमीन का उपयोग श्रीवास्तव मेमोरियल अस्पताल की स्थापना में किया जाएगा। अगर इसके अलावा किसी कार्य में भूमि का उपयोग किया गया तो उक्त भूमि आर्मी वेलफेयर या सरकार को दे दी जाएगी। यह बयान 15 फरवरी को डॉ. हेमलता की मृत्यु पूर्व एसडीएम के समक्ष दर्ज हुए थे। लेकिन डॉक्टर दंपत्ति द्वारा दानपत्र में यह लिखवा लिया गया कि उक्त जमीन उन्हें उपहार स्वरूप मिली है और इस जमीन का उपयोग वे मनमाफिक कर सकते हैं। आकस्मिक परिस्थितियों में वे जमीन का स्वतंत्र रूप से विक्रय कर सकते हैं। इसके साथ ही जमीन दान में देने वाली डॉ. हेमलता के पहले दान में जमीन लेने वाले दंपत्ति की मौत होने पर जमीन डॉक्टर जैन के वारिसों को मिलेगी। दानपत्र में लिखी गई इन बातों को डॉक्टर हेमलता से छिपाया गया। इस धोखाधड़ी के लिए डॉक्टर दंपत्ति ने 70 लाख रूपये खर्च किए। लेकिन हकीकत सामने आने के बाद दंपत्ति के 70 लाख रूपये भी डूब गए और अब एफआईआर भी दर्ज हो गई। और उन पर अब कानूनी कार्यवाही भी होगी।

Author: Jai Lok






