प्रभु श्रीराम की लीडरशिप से सीखें आधुनिक युग का प्रबंधन, विजयदशमी पर संकल्प – भीतर के रावण का दहन ही है प्रभु राम की सच्ची आराधना  संकल्प, टीमवर्क और आत्मबल से जीतें जीवन का धर्मयुद्ध

डॉ. नवीन आनंद जोशी (जयलोक)। रामकथा केवल भक्ति और आस्था का प्रसंग नहीं, बल्कि जीवन-प्रबंधन, अनुशासन और नेतृत्व का अनुपम शास्त्र है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम जब अयोध्या से वनवास के लिए प्रस्थान करते हैं, तब उनके पास न राजवैभव है, न रथ, न सेना, न कोई राजसी ठाठ—सिफऱ् माता-पिता के वचनों की मर्यादा। वे नंगे … Continue reading प्रभु श्रीराम की लीडरशिप से सीखें आधुनिक युग का प्रबंधन, विजयदशमी पर संकल्प – भीतर के रावण का दहन ही है प्रभु राम की सच्ची आराधना  संकल्प, टीमवर्क और आत्मबल से जीतें जीवन का धर्मयुद्ध