लड़ेंगे वो, क़ीमत हम चुकाएंगे: युद्ध की छाया में भारतीयों की जेब और भारत अर्थव्यवस्था दोनों संकट में

अमित चतुर्वेदी (जयलोक)। दुनिया इस समय एक ऐसे दौर से गुजर रही है, जहां युद्ध केवल सीमाओं पर नहीं लड़ा जा रहा, बल्कि उसका असर हर देश की अर्थव्यवस्था, समाज और आम आदमी की जेब तक पहुंच चुका है। रूस-यूक्रेन युद्ध तो चार साल से लगातार जारी है, जिसने वैश्विक व्यवस्था को पहले ही हिला … Continue reading लड़ेंगे वो, क़ीमत हम चुकाएंगे: युद्ध की छाया में भारतीयों की जेब और भारत अर्थव्यवस्था दोनों संकट में