विधायिका, कार्य – पालिका एंव न्यायपालिका के अधिकारों व शक्तियों में संतुलन स्थापित है

किशन सनमुखदास भावनानी वैश्विक स्तरपर अक्सर हम लोकतंत्र के चार स्तंभों, विधायिका,कार्यपालिका न्यायपालिका व मीडिया के बारे में व उनके अधिकारों कर्तव्य जवाबदेही व कार्यक्षेत्रों के बारे में अक्सर सुनते पढ़ते रहते हैं स्वाभाविक रूप से चारों स्तंभों के अलग-अलग कार्यक्षेत्र अधिकार व कर्तव्य हैं, परंतु इनकी आपस में तुलना नहीं की जातीज़ा सकती,किसीको भी … Continue reading  विधायिका, कार्य – पालिका एंव न्यायपालिका के अधिकारों व शक्तियों में संतुलन स्थापित है