हिन्दी पत्रकारिता को व्यवसाय नहीं, मिशन बनाना होगा

ललित गर्ग भारत में हिन्दी पत्रकारिता की न केवल आजादी के संघर्ष में बल्कि उससे पूर्व के गुलामी की बेडिय़ों में जकड़े राष्ट्र की संकटपूर्ण स्थितियों में महत्वपूर्ण भूमिका रही है, नये बनते भारत में यह भूमिका अधिक महसूस की जा रही है, क्योंकि तब से आज तक समाज की आवाज़ उठाने, सत्ता से सवाल … Continue reading हिन्दी पत्रकारिता को व्यवसाय नहीं, मिशन बनाना होगा