जीजा अस्थाई व्यवस्था, फूफा होना ही जीवन का स्थाई भाव…

(जय लोक)। फूफा हो जाना तो विधि का विधान है! सडक़ किनारे, फुटपाथ पर घटी दरों पर बिकती, पुरानी धुरानी, सैकेंड हैंड किताबें देखी हैं ना आपने, कुछ बुजुर्ग, अधेड़ औरतें, आदमी कभी कभी ठिठक कर रूक जाते हैं उसके सामने कुछ ढेर को टटोलते हैं, काम की चीज निकालने की कोशिश करते है, जो … Continue reading जीजा अस्थाई व्यवस्था, फूफा होना ही जीवन का स्थाई भाव…