दास्तान ए अंजुमन : 150 साल की विरासत या 150 साल की लंबी खामोशी?

हमारे बुजुर्गों ने यूनिवर्सिटी का ख्वाब देखा था, हमने शादी-हाल बना दिया मोहम्मद इदरीस  राईन जबलपुर (जयलोक)। जब कोई इदारा 150 साल का होता है तो वह जश्न नहीं, तारीख बनाता है। वह सिर्फ  इमारत नहीं रहता, वह एक सभ्यता बन जाता है। आज अंजुमन इस्लामिया 150 साल की हो गई है। शहर के दिल … Continue reading दास्तान ए अंजुमन : 150 साल की विरासत या 150 साल की लंबी खामोशी?