
नई दिल्ली,(एजेंसी/जयलोक)। ज्यादातर घर खरीदारों के लिए सबसे बड़ा आर्थिक बोझ होता है होम लोन की ईएमआई चुकाना। शुरूआती सालों में ज्यादातर लोग सोचते हैं कि उनकी किश्तें चुकाने के बाद भी होम लोन कम क्यों नहीं होता है। वजह है कि लोन की शुरुआत में करीब 90 फीसदी ईएमआई ब्याज में चला जाता है और सिर्फ 10 फीसदी मूलधन घटता है। जैसे किसी ने 50 लाख का होम लोन 8.5 फीसदी ब्याज दर पर 25 साल के लिए लिया है।

उसकी ईएमआई बनेगी करीब 40,000 रुपए। पहले साल में उसने करीब 4.8 लाख ईएमआई भरी, लेकिन उसमें से केवल 60,000 रुपए ही मूलधन घटा, बाकी 4.2 लाख बैंक को ब्याज में चला गया।

यही वजह है कि कई साल तक लोगों को लगता है कि उनका कर्ज कम नहीं हो रहा। सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर का कहना है कि थोड़ी-सी समझदारी से आप 25 साल का लोन सिर्फ 10 साल में खत्म कर सकते हैं और लाखों रुपए ब्याज बचा सकते हैं। अगर आप हर साल 40,000 रुपए की एक अतिरिक्त ईएमआई भर दें, तो यह सीधा आपके मूलधन से घटता है। इस कदम से ही लोन की अवधि 25 साल से घटकर 20 साल रह जाती है।
मान लीजिए आपने पहले साल 40,000 रुपए ईएमआई से शुरुआत की। दूसरे साल इसे 43,000 कर दी और तीसरे साल 46,200 कर दी इस तरह साल-दर-साल ईएमआई बढ़ाने से यह आपके वेतन वृद्धि के साथ तालमेल बिठा लेता है। इस रणनीति से लोन की अवधि घटकर 12 साल रह जाती है। अगर आप हर साल एक अतिरिक्त ईएमआई भी भरें और ईएमआई में 7.5फीसदी की बढ़ोतरी भी करें, तो लोन सिर्फ 10 साल में खत्म हो सकता है। ऐसा करने से आप करीब 35-40 लाख का ब्याज बचा सकते हैं।

अगर आप भी होम लोन ले रहे हैं, तो 20-25 साल तक एक जैसी ईएमआई मत रखिए। वेतन बढऩे के साथ ईएमआई बढ़ाएं और साल में एक अतिरिक्त ईएमआई जरूर भरें। इन दोनों उपायों को मिलाकर अपनाएंगे तो आप भी सिर्फ 10 साल में पूरा लोन चुका सकते हैं।
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Author: Jai Lok







