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आधार कार्ड सुधारवाना मतलब… लोहे के चने चबाना

जबलपुर (जयलोक)। इन दिनों आधार कार्ड में अगर आपका पता गलत हो गया है, नाम या उपनाम में कोई गलती हो गई है और इसे आप सुधारवाना चाहते हैं तो समझ लीजिए कि आपको लोहे के चने भी जबाना पड़ेंगे और बचपन का वह खेल गोल-गोल रानी…भी आपको याद आ जाएगा और यह सब केवल इसलिए हो रहा है क्योंकि प्रशासनिक स्तर पर हुई भूल के कारण कोई भी जवाबदार इस भटकाव की स्थिति को खत्म करने के लिए आगे कदम नहीं बढ़ा रहा है।
वर्तमान में अगर आपको आधार कार्ड में कोई सुधार करवाना है तो इसके लिए सर्वप्रथम आधार सेंटर पर जाना होता है। केंद्र पर आपसे मूल निवासी प्रमाण पत्र की माँग जी जाती है उसी आधार पर आपके पते का सुधार होता है। लेकिन जब आप मूल निवासी प्रमाण पत्र बनवाने लोक सेवा केंद्र पहुँचते है तो इस कार्य के लिए सम्रग आईडी होना अनिवार्य होता है। क्योंकि सम्रग आईडी के नंबर को बिना लोक सेवा के पोर्टल पर चढ़ाये मूल निवासी प्रमाण पत्र नहीं बन सकता है। समग्र आईडी का नंबर जब लोक सेवा की साइट पर चढ़ाया जाता है तो वह खुद ब खुद वह सारी जानकारी अपडेट करता है जो की आधार कार्ड में दर्ज है। यानि आधार कार्ड में अगर जानकारी गलत दर्ज है तो समग्र आईडी में भी जानकारी गलत ही दर्ज होगी, और आवेदक यहां पर अपने आधार कार्ड में दर्ज गलत जानकारी को ही सुधरवाने के लिए संघर्ष करता रहेगा। मतलब साफ  है कि जहां से आवेदक ने अपनी जद्दोजहद शुरू की थी वो वापस घूमफिर के वहीं पहुँच जाएगा।
इस विरोधाभासी स्थिति के कारण जिस किसी व्यक्ति का आधार कार्ड और समग्र आईडी में नाम या पता गलत है या उसकी मात्रा में कोई गलती हो गई है तो उसे सुधरवाने में उसे पसीने छूट जाएंगे लेकिन शासन प्रशासन की इस अव्यवस्था में अभी तक इसका कोई हल नहीं निकला है। प्रशासनिक स्तर तक कई बार यह बात पहुँच चुकी है पूर्व कलेक्टर से लेकर लोक सेवा केंद्र प्रभारी तक ये सारी बातें पहुँच चुकी हैं, लेकिन इनका अभी तक किसी प्रकार का हल नहीं निकला है।
जानकारी के अनुसार आधार कार्ड के सुधार कार्य में बहुत सारे दस्तावेजों में मूल निवासी और समग्र आईडी को अनिवार्य दस्तावेज के रूप में अंकित किया गया है। लेकिन यह दोनों ही दस्तावेज आधार कार्ड में दर्ज जानकारी को ही डाटा के रूप में वापस सिस्टम को लौटा देते हैं। अब जब तक कोई संवेदनशील जिम्मेदार इस समस्या को तकनीकी रूप से सुधारने के लिए यहां से लेकर वल्लभ भवन तक पहल नहीं करेगा तब तक यह समस्या बिना निराकरण के यूं ही बनी रहेगी और लोग परेशान होते रहेंगे।

Jai Lok
Author: Jai Lok

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