
जबलपुर (जयलोक)। शहर में पहली बार एक नवजात बच्ची के दिल में छेद होने पर उसे मुंबई के लिए एयरलिफ्ट किया गया। कल अवकाश के दिन भी बच्ची को मुंबई एयरलिफ्ट किए जाने के लिए कार्यालय खोले गए और जरूरी दस्तावेज तैयार किए गए। हालांकि कल ही नवजात को मुंबई एयरलिफ्ट किया जाना था लेकिन किसी कारणवश कल नवजात को मुंबई नहीं भेजा जा सका। वहीं आज दोपहर 12 बजे नवजात को मुंबई एयरलिफ्ट करने के लिए जिला और पुलिस प्रशासन का अमला तैनात रहा।

जुड़वा बच्चे हैं, लडक़ी को है बीमारी- सीएमएचओ डॉ. संजय मिश्रा का कहना है कि सिहोरा निवासी सत्येंद्र दहिया की पत्नी ने सोमवार तीन नवंबर को एक निजी अस्पताल में जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था। इसमें से एक लडक़ा व एक लडक़ी थी। बच्ची के दिल में बचपन से छेद था और उसे उपचार के लिए मुंबई स्थित नारायण अस्पताल भेजा जाना आवश्यक था। बच्ची के पिता ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के जिला प्रबंधक सुभाष शुक्ला से संपर्क किया और बच्ची की स्थिति से अवगत करवाया। बच्ची के संबंध में जानकारी मिलने पर अवकाश के दिन भी सीएचएमओ कार्यालय खुलवाया गया। कल अवकाश के दिन भी कार्यालय खुला और कागजी कार्यवाही पूर्ण की। आज दोपहर 12 बजे पीएमश्री एयर एंबुलेंस से मुंबई स्थित नारायण अस्पताल उपचार के लिए भिजवाया गया। बच्ची के उपचार नि:शुल्क होगा और पूरा व्यय सरकार वहन करेंगी।

बाल ह्दय याजना के तहत उपचार- मध्य प्रदेश सरकार की बाल हृदय योजना के तहत नवजात का इलाज किया जाएगा। नवजात के मुंबई पहुँचते ही उसका उपचार शुरू हो गया। जिन बच्चों के दिल में छेद होता है, उनका इलाज राज्य सरकार करवाती है। इसके लिए राज्य सरकार ऐसे बच्चों के इलाज के साथ उनके परिवहन की व्यवस्था भी करती है।

Author: Jai Lok







