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नए लोगों को जोडक़र नई कांग्रेस का करना होगा उदय-विवेक तन्खा :कांग्रेस में युवाओं के भविष्य का निर्मित करना होगा विश्वास

@परितोष वर्मा

जबलपुर (जयलोक)। विधानसभा चुनाव और उसके बाद अब लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली करारी हार ने शीर्ष नेतृत्व से लेकर सामान्य कार्यकर्ता तक  सभी को झंझोड़ कर रख दिया है। हर स्तर पर आत्मचिंतन, आत्ममनन का दौर जारी है। इसी गंभीर विषय को लेकर कांग्रेस के राज्यसभा सांसद, वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने बेबाकी से अपने विचार एक टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार में व्यक्त किए। श्री तन्खा ने जो बातें कहीं जो सवाल उठाए वे शत प्रतिशत सही माने जा रहे हैं और बिना इन बिंदुओं पर विचार किए कांग्रेस का दोबारा उठ खड़ा हो पाना मुमकिन नजर नहीं आ पा रहा है।
प्रजातंत्र की पुर्नस्थापना के लिए अच्छे संकेत  
वरिष्ठ नेता श्री तन्खा ने कहा कि मैं इस बात को लेकर प्रसन्न हूँ कि 2024 के चुनाव में जनता ने प्रजातंत्र को वापस बचाने की दिशा में बड़ा कदम उठा दिया है। प्रजातंत्र की पुर्नस्थापना के लिए यह अच्छा संकेत है। देश की 140 करोड़ जनता ने दोनों ही प्रमुख राजनैतिक गठबंधनों को लगभग बराबर का जनादेश दिया है। कांग्रेस और उसके गठबंधन को कुछ और सीटें प्राप्त हो जाती तो हमारी सरकार बन सकती थी।
हमारी कमियों के कारण हमारी यह स्थिति है
श्री तन्खा ने बेबाकी से इस बात को कहा कि हमें जो अप्रत्याशित हार पिछले विधानसभा चुनाव में प्राप्त हुई है उससे यह सवाल खड़े होते हैं कि या तो हम चुनाव मशीनरी को नहीं समझ पा रहे? या हम चुनाव के तरीकों को नहीं समझ पा रहे? या फिर हम लोगों को नहीं समझ पा रहे हैं? कहीं ना कहीं तो त्रुटि है। हमें यह स्वीकार करने में बिल्कुल भी झिझक नहीं होनी चाहिए कि हमारी कमियों के कारण आज हमारी यह स्थिति है। श्री तन्खा ने कहा कि केजरीवाल क्या हैं वे सिर्फ एक सोच हैं, इसके पूर्व में वे एक शासकीय अधिकारी थे। वो एक नई सोच के साथ राजनीति में आए और उनकी उस सोच को जनता ने स्वीकार कर लिया।
सभी नेताओं को चलना होगा एक साथ, परिवारवाद की छवि मिटाना होगी
श्री तन्खा ने कहा कि कांग्रेस के जितने भी बड़े नेताओं के बीच में मतभेद, मनभेद अगर हैं भी तो सबको साथ मिलकर चलना होगा। तभी कांग्रेस को वापस लाया जा सकता है। श्री तन्खा ने कहा कि इसके साथ यह भी बहुत जरूरी है कि हमें नए लोगों को नई प्रतिभाओं को कांग्रेस से जोडक़र युवा नेतृत्व क्षमता को पहचान कर उन्हें आगे लाकर नई कांग्रेस का उदय करना होगा। परिवारवाद की छवि को  कांग्रेस को बदलना होगा। प्रतिभाओं से संपन्न विभिन्न क्षेत्र के युवाओं को लोगों को कांग्रेस से जोडऩा होगा।
युवाओं में बढ़ाना होगा कांग्रेस में भविष्य होने का विश्वास
श्री तन्खा ने कहा कि अब यह बहुत जरूरी है कि गैर राजनैतिक परिवेश से आने वाले युवा लोगों को यह विश्वास दिलाया जाए, उनमें यह भावना उत्पन्न हो कि अगर उनका काम अच्छा है, जनता के बीच में उनकी स्वीकार्यता है तो कांग्रेस में उनका राजनैतिक भविष्य बहुत अच्छा हो सकता है। श्री तन्खा ने कहा कि हमें  कांग्रेस के वोट शेयर बढ़ाने के तरफ भी ध्यान देना होगा। यह तभी संभव है जब हम मुद्दों पर आधारित राजनीति को बढ़ावा दें। हम इस सोच के साथ राजनीति में आएं कि आम व्यक्ति का भला कैसे हो, समाज को कैसे सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाया जाए। देश की व्यवस्था कैसे बेहतर कार्य करे, अधिकांश राजनैतिक दल इन मूल मुद्दों को छोडक़र कार्य कर रहे हैं। हमें अपनी सीमित सोच को विस्तार देना होगा, युवाओं को और नए लोगों को नई प्रतिभाओं को बिना जोड़े कांग्रेस वापस मैदान में वापस नहीं आ सकती।
भ्रष्टाचारी होना अब शर्म का विषय नहीं
आज न्यायालयों में करोड़ों की संख्या में प्रकरण लंबित हैं। प्रशासनिक व्यवस्था छिन्न भिन्न है, पुलिस व्यवस्था भी समाज के अनुरूप नहीं चल रही है। भ्रष्टाचार करना और भ्रष्टाचारी होना अब शर्म की बात नहीं मानी जाती बल्कि इसे जरूरी समझा जाने लगा है। यह हमारे लिए मध्य प्रदेश के लिए देश के लिए बड़ा चिंता का विषय है।
कौन सा मुद्दा कहां चला यह शोध का विषय
हमारे देश में बहुत विद्वान नेता रहे हैं इन्होंने मजबूत संविधान हमें दिया है। उसी संविधान को बचाने के लिए   कांग्रेस  ने आम जनता के बीच में दस्तक दी थी। मैं इसे बहुत अच्छा संकेत मानता हूँ कि संविधान को बचाने के प्रति लोगों ने गंभीरता दिखाई, अपनी आस्था व्यक्त की और उसी का परिणाम है कि मोदी सरकार 240 सीटों पर आ गई। संविधान को बचाने का विषय पूरे देश का मुद्दा था। राममंदिर उत्तर प्रदेश में निर्मित हुआ अगर लोग कहें कि मप्र में इस मुद्दे की लहर चली तो आयोध्या के आसपास सौ किलो मीटर तक भाजपा का सफाया क्यों हो गया। यह शोध का विषय है कि कौन सा मुद कहां कारगर रहा।
कुल मिलाकर वरिष्ठ अधिवक्ता राज्यसभा सांसद श्री विवेक तन्खा ने इस बात के स्पष्ट संकेत दिए कि कांग्रेस से जुडऩे वाले नए प्रतिभावान लोग जो युवा हों हर वर्ग से हों, हर वो व्यक्ति जिसमें नेतृत्व क्षमता हो ये सब नए लोग मिलकर ही कांग्रेस का नया समय ला सकते हैं।

Jai Lok
Author: Jai Lok

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