
नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के व्यापारिक रिश्ते अच्छे नहीं हैं। कई मुद्दों को लेकर दोनों देशों में पटरी नहीं बैठ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार बार झूठ बोलते हैं और नए नए आदेश भारत के खिलाफ लेकर आते हैं। ऐसे में भारत भी है कि वो अपने देशहित के लिए किसी के आगे झुकने को तैयार नहीं है। इसी बीच खबर आ रही है कि राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच जल्द मुलाकात होने वाली है। इस मौके पर कई मुद्दों पर दोनों देश चर्चा करेंगे।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के एक बयान से भारत और अमेरिका के बीच रिश्तों पर शुभ संकेत आते दिख रहे हैं। दरअसल मार्को रुबियो ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत पर लगाए गए भारी टैरिफ को फिक्स के लिए तैयार हैं। रुबियो ने कहा कि ये टैरिफ भारत के रूस से तेल खरीदने की वजह से लगाए गए थे। वहीं अमेरिका यूक्रेन युद्ध को लेकर रूस पर नए प्रतिबंधों पर भी विचार कर रहा है। मार्को रुबियो ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र के मौके पर भारत के विदेश मंत्री एस। जयशंकर से भी मुलाकात की। दोनों के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत हुई। यह बैठक उन तनावों के बाद पहली बार हुई है जो भारत पर अमेरिकी टैरिफ और रूस से भारत के ऊर्जा आयात को लेकर बढ़े थे। एस जयशंकर से यूएनजीसी में मुलाकात के बाद रुबियो ने कहा है – भारत, अमेरिका के लिए बहुत महत्वपूर्ण सहयोगी है, खासतौर पर व्यापार, ऊर्जा, फार्मा और क्रिटिकल मिनरल्स के मामले में। उन्होंने भारत के राजदूत के तौर पर नामित सर्गियो गोर से भी मुलाकात की। बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही भारत-अमेरिका के बीच संबंधों का समीकरण बदलने लगा था। इसके बाद रूस-यूक्रेन के मुद्दे पर दोनों देशों को बीच तनाव और बढ़ा। परिस्थितियां ऐसी आ गईं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सिर्फ भारत के खिलाफ 50 फीसदी का टैरिफ लगा दिया बल्कि ऐसे बयान भी आए कि इस वक्त के सबसे बड़े युद्ध का जिम्मेदार भारत ही है।
Author: Jai Lok







