
जबलपुर (जय लोक)। दमोहनाका के पास रहने वाली एक युवती अपने माता पिता के गुजर जाने के बाद मानसिक तौर पर बीमार हो गई। माता पिता की मौत के बाद युवती अकेली हो गई। कहने को तो बहन-जीजा और रिश्तेदार जबलुपर में मौजूद हैं लेकिन उसकी मदद करने कोई आगे नहीं आ रहा है। बदहवास हालत में युवती दमोहनाका क्षेत्र के आसपास घूमते हुए आज भी अपने परिजनों के वापस आने का इंतजार कर रही है।
आज के समय में जहां प्रापर्टी और पैसे के लिए औलाद माता पिता को ही घर से बेघर कर रहे हैं। वहीं, दमोहनाका क्षेत्र में रहने वाली एक युवती आज भी अपने माता पिता के वापस आने का इंतजार कर रही है। युवती का नाम ललिता बताया जा रहा है। जो अपने माता पिता की मौत के बाद मानसिक रूप से बीमार हो गई, युवतियों के पड़ोसियों का कहना है कि ललिता एक समृद्ध परिवार की रहने वाली है। लेकिन उसके माता पिता की मौत के बाद वह अकेली पड़ गई। कुछ समय बाद रिश्तेदारों के साथ ही बहन और जीजा ने भी उसका साथ छोड़ दिया। अकेलेपन ने उसकी मानसिक हालत खराब कर दी और अब वह क्षेत्र में बदहवास हालत में घूमते हुए लोगों को दिखाई दे रही है। लेकिन खास बात यह है कि उसकी मदद के लिए कोई आगे नहीं आ रहा है।

इलाज मिलने पर सुधर सकती है मानसिक हालत
ललिता खाने की तलाश में इधर उधर घूमते हुए दिखाई देती है। उसे जिससे जो भी चीज खाने को मिलती वह उसे लेकर घर आ जाती है। उसके पास रहने के लिए घर तो है लेकिन परिवार के नाम पर वह अकेली रह गई है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि अगर ललिता को उपचार मिल सके तो उसकी मानसिक हालत सुधर सकती है।

Author: Jai Lok







