
कल 2 घंटे उपमुख्यमंत्री देवड़ा और गौतम टेटवाल ने सुनी समस्याएं, आज मंत्री राकेश सिंह और दिलीप अहिरवार मिले कार्यकर्ताओं से
भोपाल (जय लोक)। लंबे अरसे से इस बात का आभास भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने किया था की सत्ता में शामिल लोगों और संगठन के लोगों के बीच में दूरियां बढ़ रही हैं विभिन्न विषयों पर विरोधाभास उत्पन्न हो रहा है। प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद हेमंत खंडेलवाल के समक्ष भी इस प्रकार के विषय उठे। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से इस विषय पर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव एवं प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने विचार विमर्श कर प्रदेश में पहली बार नया प्रयोग कर नई व्यवस्था बनाई है। अब सरकार के मंत्री अलग-अलग दिन भाजपा कार्यालय में बैठेंगे। कल सोमवार से इस व्यवस्था को लागू कर दिया गया है । कल सोमवार को पहले दिन उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और मंत्री गौतम टेटवाल ने कार्यकर्ताओं से संवाद किया। आज मंत्री राकेश सिंह और दिलीप अहिरवार दोपहर बाद 1 बजे से 3 तक भाजपा के मुख्यालय में उपस्थित रहे एवं कार्यकर्ताओं की समस्याओं को सुनकर उनके निराकरण का प्रयास किया और समस्याओं को सूचीबद्ध किया। कल 3 तारीख को ये जवाबदारी मंत्री विश्वास सारंग और लखन पटेल को दी गई है। 4 दिसंबर को मंत्री कैलाश विजयवर्गीय एवं प्रतिमा बागरी, 5 दिसंबर को विजय शाह व नरेंद्र शिवाजी पटेल कार्यकर्ताओं से चर्चा करेंगे। सत्ता और संगठन के बीच समन्वय बनाने के लिए सरकार के मंत्री कार्यालय में हर दिन 2 घंटे दोपहर 1 से 3 बजे तक नियमित रूप से बैठेंगे। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा आज मैं और टेटवाल कार्यालय में बैठे थे। हमने, कार्यकर्ताओं की समस्या सुनी और समझी। कई जिलों की छोटी बड़ी समस्याएं व्यक्तिगत भी होती है। क्षेत्र और संगठन की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। देवड़ा ने कहा यह सराहनीय पहल है। आज अनेक कार्यकर्ता आकर मिले। हम उनकी समस्याओं को सूचीबद्ध करेंगे विभिन्न विभागों की अलग-अलग विभागों की कोई समस्या है तो हम उसका फॉलोअप लेंगे। सरकार के कामों की कार्यकर्ताओं को जानकारी भी मिलेगी। काम होने पर उनको इसकी जानकारी भी दी जाएगी। अगर कोई काम नहीं हो पा रहा तो उसके कारण कार्यकर्ताओं को बताये जाएंगे।
अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का नवाचार
हेमंत खंडेलवाल के अध्यक्ष बनने के बाद भाजपा में व्यवस्थाओं और काम के तरीकों में बदलाव दिखा है। मप्र में भाजपा कार्यालय में मंत्रियों की ड्यूटी का प्रयोग पहली बार सामने आया है। कई बार भाजपा कार्यालय में इस बात को लेकर चर्चा हुई कि मंत्रियों के दौरे और व्यस्तता के कारण कार्यकर्ताओं का संपर्क टूट गया है। जिसकी वजह से कार्यकर्ता अपने क्षेत्र की समस्या नहीं बता पाते। कार्यकर्ताओं ने कई मंत्रियों की शिकायतें भी की थीं। मंत्री से मुलाकात नहीं होने से संगठन और सत्ता के बीच की दूरी बढ़ती जा रही है। अब इस दूरी को पाटने मंत्रियों को भाजपा प्रदेश कार्यालय में एक दिन बैठने के लिए कहा गया है। भाजपा की वरिष्ठ नेताओं को उम्मीद है कि जल्द ही इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
Author: Jai Lok







