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सत्ता और संगठन में बेहतर तालमेल के पैरोकार हैं हेमंत खंडेलवाल, संदर्भ : नये प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की प्राथमिकताएँ

संच्चिदानंद शेकटकर, प्रधान संपादक

(जय लोक)। यह सिर्फ भारतीय जनता पार्टी में ही संभव है कि जमीन से जुड़े व्यक्ति को कब किस पद पर बैठा दिया जाए इसका कोई भी पहले से अनुमान नहीं कर सकता है। मध्य प्रदेश इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। किसी ने यह नहीं सोचा था कि नवनिर्वाचित विधायकों की पहली बैठक में चौथी पंक्ति में बैठे डॉक्टर मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाने की घोषणा हो जाएगी। वहीं दूसरा उदाहरण है भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष के पद पर हेमंत खंडेलवाल को निर्वाचित किया जाना। प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में जब नरोत्तम मिश्रा जैसे कई दिग्गज नेताओं के नाम चर्चाओं में थे तब किसी भी ने यह सोचा भी नहीं था कि लो-प्रोफाइल में रहने वाले हेमंत खंडेलवाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बना दिए जाएंगे। यह भारतीय जनता पार्टी ही कर सकती है कि जब उसने हेमंत खंडेलवाल को विधायक की टिकट नहीं दी और यह हेमंत खंडेलवाल का अपनी पार्टी के प्रति समर्पण था कि उन्होंने उम्मीदवार न बनाए जाने पर उफ़ तक नहीं किया और पार्टी के निर्णय को सहर्ष स्वीकार भी किया। वहीं लोगों ने यह उम्मीद भी नहीं की थी कि विधायक की टिकट से कभी वंचित किए गए हेमंत खंडेलवाल जैसे कम चर्चित नेता को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बना देगी। नए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने अपना कार्यभार संभालने के बाद जिस तरह की कार्य पद्धति अपनाई है उससे यह साबित होता है कि वह भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को भरपूर महत्व देंगे। वहीं प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सत्ता और भारतीय जनता पार्टी के संगठन दोनों के बीच बेहतर तालमेल बनाकर रखेंगे यह उन्होंने स्पष्ट भी कर दिया है। नए प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का यह कहना है कि हम भारतीय जनता पार्टी को अधिक मजबूत बनाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव की नीतियों के साथ हम कार्यकर्ताओं के माध्यम से जनता के बीच जाएंगे। भारतीय जनता पार्टी पहले से ही मजबूत है और आगे और भी मजबूत होगी। हम सब कार्यकर्ता मिलकर देश को नई बुलंदियों पर ले जाएंगे। भारतीय जनता पार्टी में हर कार्यकर्ता का सम्मान है हम सभी एक परिवार के साथी हैं कार्यकर्ताओं का जोश और जज्बा भारतीय जनता पार्टी की ताकत है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद हेमंत खंडेलवाल ने प्रदेश कार्यालय में पदाधिकारियों के साथ पहली बैठक की और साफ साफ शब्दों में निर्देश दिया कि राजधानी भोपाल में रहने की बजाय पदाधिकारी फील्ड में रहें। उन्होंने कहा कि मेरे परिवार से राजनीति में मैं अकेला हूं, भाजपा ही मेरा परिवार है। हम सभी को मिलकर संगठन को और मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा कि वह भी एक सामान्य कार्यकर्ता हैं और अध्यक्ष पद का दायित्व निभा रहे हैं। वह कहते हैं कि प्रदेश अध्यक्ष का यह दायित्व है कि सही प्रक्रिया जैसी पार्टी में चल रही है वैसे ही चलती रहना चाहिए।

सांसद-विधायकों के साथ बैठकें होंगी

सत्ता और संगठन में बेहतर तालमेल के पक्षधर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भाजपा के पदाधिकारीयों को टिप्स दिया कि सांसद-विधायकों के साथ शनिवार-रविवार को बैठकें रखें। ये बैठकें जल्द शुरू करें।
मन की बात के बहाने हमारी बूथ की बैठक भी हो रही है। इसलिए इसे गंभीरता से करें। हर जिला कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंस रूम जरूर बनाएं। सत्ता-संगठन में तालमेल रखें। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने जिलाध्यक्ष, प्रभारी और प्रदेश पदाधिकारियों के साथ अपनी पहली बैठक में अपनी प्राथमिकताएं बताने के साथ ही पदाधिकारियों को एडवायजरी भी जारी कर दी। उन्होंने दो टूक कह दिया कि ज्यादा से ज्यादा प्रवास करें। कुछ प्रदेश पदाधिकारियों पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग काम तो पूरे प्रदेश का संभालते हैं, लेकिन सातों दिन भोपाल में ही दिखते हैं।
कुछ मोर्चों के पदाधिकारी तो 4-5 दिन प्रदेश कायाज़्लय में रहते हैं। जिनके पास जहां जो दायित्व है, उन्हें वहां वक्त देना चाहिए। मोर्चों के अध्यक्षों और जिलाध्यक्षों को सातों दिन कार्यालय में रहने की कोई जरूरत नहीं है। अपने प्रवास के कार्यक्रम बनाएं और कार्यकर्ताओं के बीच सक्रिय रहें। जिलाध्यक्षों को पीए और स्टाफ के भरोसे न रहकर सांसदों-विधायकों के घर जाकर बिना एजेंडे के लगातार संवाद बनाए रखना चाहिए।
ताकि कार्यकर्ताओं और जनता के बीच यह संदेश जाए कि सत्ता और संगठन में समन्वय है। जिला कार्यालय में भी विधायकों और सांसदों को बुलाएं।

मेरे नाम पर किसी के झाँसे में मत आना

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष खंडेलवाल यह भी कहते हैं कि मेरे परिवार से मैं अकेला राजनीति में हूं। कोई भी खुद को मेरा नजदीकी बताकर लुभाए तो झांसे में मत आना। मेरा नाम लेकर कोई कुछ कहे तो भी भरोसा नहीं करना। मैं पार्टी लाइन से अलग नहीं रहता, इसलिए मेरे नाम पर किसी को भी एंटरटेन न करें।

प्रदेश से नहीं थोपेंगे किसी को

नए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने अपनी कार्य प्रणाली के भी स्पष्ट संकेत दे दिए हैं। यह तय है कि वह प्रदेश से लोगों को थोपने में भरोसा नहीं रखेंगे। इसीलिए खंडेलवाल ने जिला कार्यकारिणी के गठन के लिए 25 जुलाई की डेडलाइन तय कर दी है। सभी जिलाध्यक्षों को 25 जुलाई तक हर हाल में कार्यकारिणी के नाम भोपाल भेजने को कहा है। इसके बाद संभागवार बैठकें कर इसे फाइनल किया जाएगा। इन निदेर्शों से स्पष्ट है कि अब भाजपा में उसके जिले के अध्यक्ष सिर्फ शोभा की सुपारी नहीं रहेंगे और वह भरपूर अधिकार संपन्न रहेंगे। इसके कुछ और भी उदाहरण प्रदेश अध्यक्ष के निदेर्शों से सामने आए हैं।

जिलाध्यक्ष करेंगे सिफारिशें

प्रदेश की नगर निगम और नगर पालिका में एल्डरमेनों की नियुक्तियां नहीं हो सकी हैं। जबकि इन निकायों के चुनाव को हुए 3 वर्ष से ज्यादा का समय बीत चुका है लेकिन प्रदेश संगठन ने इन एल्डरमैन की नियुक्ति के लिए किसी तरह की रुचि नहीं ली। लेकिन कार्यकर्ताओंं को महत्व देने के पक्षधर नए प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने नगरीय निकायों में एल्डरमेनों की नियुक्तियों की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। प्रदेश अध्यक्ष ने प्रदेश के सभी जिलों के अध्यक्षों को यह निर्देश दिए हैं कि वे नगरीय निकायों में एल्डरमैन, नोटरी, कॉलेजों में जनभागीदारी, अदालतों में सरकारी वकीलों की नियुक्ति के लिए नामों की सिफारिश भी 25 जुलाई तक भेजें। प्रदेश में बचे हुए मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति और मंडल की कार्यकारिणी गठन की प्रक्रिया अगले एक सप्ताह में पूरा करने के निर्देश जिलाध्यक्षों को दिए हैं।

संगठन सर्वोपरी-हमें सरकार के साथ दिखना है

प्रदेशाध्यक्ष खंडेलवाल पदाधिकारियों को संगठन को सर्वोपरि बताते हुए कहते हैं कि हमें सरकार के साथ भी दिखना है और अपने काम पर भी फोकस रखना है। प्रदेशाध्यक्ष चाहते हैं कि जिला एवं मंडल स्तर पर जो अधूरे काम पड़े हैं उन्हें शीघ्र पूरा कराया जाना चाहिए। इसके अलावा जिन जिलों में पार्टी का कार्यालय नहीं है वहां सर्वसुविधायुक्त भवन बनाने की दिशा में भी काम होना चाहिए। भारतीय जनता पार्टी के संगठन को मजबूत करने के लिए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष यह भी चाहते हैं कि महीने में एक बार जिला कोर कमेटी, जिला पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, मंडल प्रभारी, बूथ अध्यक्ष एवं शक्ति केंद्र संयोजकों की बैठकें जरूर होना चाहिए।

संगठन सर्वोपरि राष्ट्र प्रथम हमारा ध्येय

प्रदेश अध्यक्ष खण्डेलवाल यह भी कहते हैं कि हम सभी एक विचारधारा के लिए कार्य करते हैं और राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ जनसेवा ही हमारा उद्देश्य है। केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाना हम सबकी जिम्मेदारी है। संवाद, समन्वय और सतत संपकज़् के माध्यम से पार्टी को नई ऊंचाइयों तक ले जाना है। उन्होंने संगठन की समयबद्ध बैठकों जिला कोर कमेटी, मंडल अध्यक्ष, बूथ अध्यक्ष एवं शक्ति केंद्र संयोजकों की मासिक बैठकें सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। नए प्रदेश अध्यक्ष की प्राथमिकताओं से यह स्पष्ट है कि वह संगठन के लिए तो बेहतर काम करेंगे ही लेकिन प्रदेश सरकार के लिए भी संगठन की महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व संभालने के बाद आज पहली बार संस्कारधानी आ रहे श्री हेमंत खंडेलवाल का बहुत-बहुत स्वागत है।

 

 

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Jai Lok
Author: Jai Lok

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