
मुख्यमंत्री और ड्राइवर के बेटे की शादी हुई एक साथ
जबलपुर (जय लोक)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज महाकाल की नगरी उज्जैन में एक नया इतिहास रच दिया। मुख्यमंत्री के बेटे की शादी आज 21 जोड़ों के सामूहिक विवाह में संपन्न हुई। मुख्यमंत्री ने जिस सादगी के साथ आज सामूहिक विवाह में अपने बेटे की शादी कराई है उसका संदेश न केवल प्रदेश बल्कि देश के दूर-दूर तक के हिस्सों में जाएगा। मुख्यमंत्री यदि चाहते तो प्रदेश की राजधानी भोपाल के सबसे बड़े मैदान में आज अपने बेटे का विवाह कर सकते थे और बहुत बड़ा ताम-झाम करने में सक्षम भी थे।

देश भर के मुख्यमंत्रियों को भी वे आमंत्रित कर सकते थे केंद्र के मंत्रियों को भी बुला सकते थे। भोपाल में बड़ी संख्या में हेलीपैड भी इन अतिथियों के लिए बन सकते थे लेकिन ऐसा कुछ मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नहीं होने दिया। यह सादगी का एक बहुत बड़ा संदेश मुख्यमंत्री ने महाकाल की नगरी उज्जैन से दिया है। यह पहली बार हो रहा है जब सामूहिक विवाह में मुख्यमंत्री के बेटे से लेकर ड्राइवर के बेटे तक की शादी एक साथ एक मंडप के नीचे आज संपन्न हुई। सबसे बड़ी बात यह हुई की दिन में हुए सामूहिक विवाह ने रात्रि कालीन खर्चों को भी बचा दिया। आज विवाह एक सामाजिक प्रतिष्ठा और दिखावे का विषय बन चुका है। बहुत से लोग कर्ज लेकर भी अपने बेटे बेटियों का विवाह करते हैं। वहीं कुछ लोग ऐसे होते हैं जो अपने बेटे बेटियों की शादी में अपनी संपन्नता का भोंडा प्रदर्शन भी करते हैं। अभी कुछ महीने पहले ही देश के नामी उद्योगपति ने अपने बेटे की शादी की तो उनके बेटे की शादी के एक निमंत्रण पत्र की कीमत 7 लाख रुपए थी इस आमंत्रण पत्र को कैसे खोला जाना है इसके लिए बाकायदा क्यूआर कोड भेजे गए थे। वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के बेटे की शादी के सामुहिक विवाह का एक कार्ड मात्र 12 रुपए में छप गया। मुख्यमंत्री ने आज अपने बेटे की शादी सामूहिक विवाह में सादगी पूर्ण तरीके से कराई है और समाज के सामने एक नया आदर्श भी पेश किया है। अब मुख्यमंत्री के साथी मंत्री जो अपने बेटों की शादी बड़े-बड़े धूमधाम के साथ करने की उम्मीदें पाले हैं अब उन्हें भी सोचने के लिए मजबूर होना पड़ेगा कि क्या उन्हें भी मुख्यमंत्री का अनुसरण करना चाहिए और अपने बेटे के विवाह के लिए मुख्यमंत्री की तरह एक आदर्श उपस्थित करना चाहिए। निश्चित रूप से मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने आज अपने बेटे की शादी सामुहिक विवाह में कराकर सादगी की एक बहुत बड़ी लकीर खींच दी है।

बागेश्वरधाम के धीरेंद्र शास्त्री ने कहा मेरी शादी सामूहिक विवाह में मत करा देना
बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री भी आज मुख्यमंत्री द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में पहुंचे। धीरेंद्र शास्त्री खुद भी अपने बागेश्वर धाम में प्रतिवर्ष सैकड़ों युवा-युवतियों का सामूहिक विवाह करवाते हैं उन्होंने अपने भाषण के दौरान कहा कि मुख्यमंत्री ने आज सामुहिक विवाह में अपने बेटे की शादी करा कर एक बड़ा नवाचार किया है और इसका संदेश दूर-दूर तक जाएगा। वहीं हंसी के लहजे में धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि उनका विवाह सामुहिक विवाह में मत करवा देना। तब स्वामी रामदेव ने उन्हें बीच में ही टोकते हुए कहा कि उनका तो विवाह सामुहिक विवाह में ही होगा। उल्लेखनीय है कि धीरेंद्र शास्त्री विवाह करने जा रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब बागेश्वर धाम आए थे तब उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री को अपना छोटा भाई कहा था और यह भी कहा था कि उनके विवाह में वे जरूर आएंगे। लेकिन खुद सामूहिक विवाह कराने वाले धीरेंद्र शास्त्री ने यह संकेत तो दे ही दिया कि वह सामूहिक विवाह में विवाह नहीं करेंगे।

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Author: Jai Lok







