
जबलपुर (जयलोक)। नगर निगम जबलपुर में ऐसा पहली बार हो रहा है जब अपनी वित्तीय शक्तियों और उसकी ताकत का प्रभाव दिखाते हुए महापौर जगत बहादुर सिंह और आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने यह निर्णय लिया है कि अब निगम की वित्तीय शक्तियों का उपयोग नगर के युवाओं के लिए रोजगार सृजन के लिए किया जाएगा। नगर निगम के खातों में करोड़ों रुपए का राशि आती है यह राशि विभिन्न बैंकों में जमा होता है। बैंकों के भी बड़ी राशि का कारोबारी लाभ मिलता है। नगर निगम और बैंकों के बीच के इस व्यापारिक व्यवहार को अब नगर निगम ने नगर के युवाओं के हित में रोजगार सृजन का माध्यम बनाने का निर्णय किया है।
नगर निगम प्रशासन ने पी.एम. स्वनिधि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और छोटे कारोबारियों को सशक्त बनाने के लिए यह निर्णय लिया है। अब निगम का सरकारी फंड केवल उन्हीं बैंकों को आवंटित किया जाएगा, जिनका प्रदर्शन पीएम स्वनिधि योजना के तहत हितग्राहियों को लाभ पहुँचाने में उत्कृष्ट रहेगा।
महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’ एवं निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने बैठक में स्पष्ट किया है कि बैंकिंग केवल लेन-देन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे सामाजिक सरोकार से जोडऩा अनिवार्य है। शहर के रेहड़ी-पटरी वाले और छोटे दुकानदार अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्हें समय पर ऋण और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना बैंकों की नैतिक और पेशेवर जिम्मेदारी है।

शानदार प्रदर्शन पर प्रोत्साहन, लापरवाही पर कार्रवाई
निगम की नई नीति के तहत बैंकों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जिसमें जो बैंक लक्ष्य से अधिक ऋण वितरण करेंगे और डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देंगे, उन्हें निगम के जमा खातों और फंड प्रबंधन में प्राथमिकता दी जाएगी और जो बैंक आवेदनों को बिना ठोस कारण के लंबित रखेंगे या योजना में रुचि नहीं दिखाएंगे, उनके खिलाफ वरिष्ठ स्तर पर कार्रवाई हेतु पत्राचार किया जाएगा और निगम द्वारा वहां से अपना फंड वापस लिया जा सकता है। बैठक में उपायुक्त श्रीमती अंकिता जैन, एल.डी.एम. दिवाकर सिंह के साथ समस्त सिटी मिशन मैनेजर, बैंकर्स एवं सी.ओ. आदि उपस्थित रहे।

इनका कहना है
नगर निगम से जमा होने वाली राशि के निर्णय में उन बैंकों को प्राथमिकता दी जाएगी जो शासकीय योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को अधिक से अधिक लाभ देंगे इसका मुख्य उद्देश्य शहर के युवाओं के लिए अधिक रोजगार उपलब्ध कराने का है।
रामप्रकाश अहिरवार,
आयुक्त नगर निगम

Author: Jai Lok






