
24 बैंक खाते में 6 करोड़, दस्तावेज खंगालेगी ईडी
जबलपुर (जयलोक)। चर्च ऑफ नार्थ इंडिया डायोसिस जबलपुर के पूर्व बिशप प्रेम चंद सिंह (पीसी सिंह) की मुसीबतें बढ़ती जा रही है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) की जाँच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिनसे पीसी सिंह और उनके परिवार की कथित अवैध संपत्ति और वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। अब इसी पूरी मामले में ईडी की भी एंट्री हो रही है, जिससे इस मामले के अन्य खुलासे होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि अब ईडी 24 बैंक खातों और उसमें जमा 6 करोड़ से अधिक की रकम की जानकारी ईडी खंगालेगी।
ईओडब्ल्यू की टीम को पीसी सिंह, उनकी पत्नी, पुत्र पीयूष पॉल सिंह सहित परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर विभिन्न बैंकों में कुल 24 बैंक खाते मिले हैं। इन खातों में करीब साढ़े छह करोड़ रुपये की राशि जमा होने की पुष्टि हुई है। इस भारी भरकम रकम का स्त्रोत अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है।

छापे में मिली थी विदेशी मुद्रा
इससे पहले ईओडब्ल्यू द्वारा की गई सर्च कार्रवाई के दौरान, बिशप के नेपियर टाउन स्थित निवास से 1 करोड़ 65 लाख रुपये नकद, 18,552 अमेरिकी डॉलर, 118 पाउंड, तथा 17 शैक्षणिक संस्थानों से संबंधित दस्तावेज जब्त किए गए थे।

पद हड़पने और गबन के गंभीर आरोप
बिशप पीसी सिंह पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मूल सोसायटी का नाम बदलवाकर खुद को चेयरमैन घोषित किया और इस पद का दुरुपयोग करते हुए शैक्षणिक संस्थाओं की फीस की रकम का गबन किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 2004-05 से 2011-12 तक इन शैक्षणिक संस्थाओं की करीब 2 करोड़ 70 लाख रुपये की राशि को धार्मिक संस्थाओं में ट्रांसफर किया गया।

करोड़ों की संपत्तियों में निवेश
जाँच के दौरान यह भी सामने आया है कि बिशप ने कथित तौर पर गबन की गई राशि का उपयोग कई अचल संपत्तियों की खरीद में किया है। इन संपत्तियों की खरीददारी उन्होंने अपने, परिजनों और जान-पहचान वालों के नाम पर की है। इन संपत्तियों की कीमत करोड़ों रुपये में आंकी गई है।
मप्र में मंडरा रहा जल संकट, तेजी से कम हो रहा नदियों का पानी
Author: Jai Lok







