
वॉशिंगटन। मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ईरान के साथ जारी रस्साकशी के बीच संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपनी सैन्य तैयारियों को लेकर एक बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। अमेरिकी वायुसेना ने अपने बेड़े के सबसे भारी और विनाशकारी बंकर बस्टर बम, जीबीयू-57 मैसिव ऑर्डनेंस पेनिट्रेटर (एमओपी) की नई खेप खरीदने का निर्णय लिया है। यह वही घातक हथियार है जिसने पिछले साल ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के दौरान ईरान के भूमिगत परमाणु ठिकानों को निशाना बनाकर दुनिया भर में खलबली मचा दी थी। ताजा आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, अमेरिकी वायुसेना दिग्गज विमानन कंपनी बोइंग के साथ लगभग 100 मिलियन डॉलर के रक्षा सौदे को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है। विशेष बात यह है कि यह अनुबंध सिंगल सोर्स श्रेणी के तहत सीधे बोइंग को दिया जा रहा है, क्योंकि केवल इसी कंपनी के पास इस विशिष्ट और जटिल बम के निर्माण की तकनीक और बुनियादी ढांचा उपलब्ध है। वायुसेना का तर्क है कि किसी अन्य वेंडर को इस प्रक्रिया में शामिल करने से उत्पादन में अनावश्यक देरी होगी, जो वर्तमान वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य और देश की युद्ध तैयारियों के लिए जोखिम भरा हो सकता है। इस बड़े सौदे की पृष्ठभूमि में जून 2025 का वह भीषण हमला है, जिसे ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के नाम से जाना जाता है। इजरायल और ईरान के बीच चले 12 दिनों के युद्ध के बाद अमेरिका ने सीधे हस्तक्षेप करते हुए ईरान के फोर्दो और नतांज स्थित परमाणु केंद्रों पर हमला किया था।
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Author: Jai Lok







