
लुटनिक ने कहा- सालों से हम गलत को सह रहे हैं, अब टैरिफ लगाकर सही कर रहे
नई दिल्ली। अमेरिका ने भारत के साथ सालों पुराने व्यापारिक संबंध सिर्फ 10 रुपए की चीज के लिए बिगाड़ लिए हैं। भारत इसे बेचने के लिए मंजूरी नहीं और अमेरिका इसे हमारे बाजार में बेचने को मजबूर कर रहा है। बस इतनी सी बात पर उसने भारत पर न सिर्फ 50 फीसदी टैरिफ लगाया है, बल्कि जी7 देशों से भी भारत पर टैरिफ लगाने का दबाव बना रहा है यानी पूरी तरह दुश्मनी पर उतर आया है। इसका खुलासा खुद अमेरिका के वाणिज्य मंत्री ने किया है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने कहा है कि भारत 1.4 अरब लोगों का देश होने का दावा करता है, लेकिन वह अमेरिका से थोड़ा सा मक्का भी नहीं खरीदेगा। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली को अपने शुल्क कम करने होंगे, वरना अमेरिका के साथ व्यापार करने में उसे और कठिनाई होगी। लुटनिक से जब पूछा गया कि क्या अमेरिका भारत, कनाडा और ब्राजील जैसे सहयोगियों के साथ बेहद मूल्यवान संबंधों को इन देशों पर लगाए गए शुल्क के जरिये खराब कर रहा है तो उनका जवाब था, ‘यह रिश्ता एकतरफा है। वे हमें बेचते हैं और हमारा फायदा उठाते हैं। वे हमें अपनी अर्थव्यवस्था से रोकते हैं, जबकि हम उनके लिए पूरी तरह खुले हैं। रिपोर्ट के मुताबिक लुटनिक ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति निष्पक्ष और आपसी व्यापार चाहते हैं। उन्होंने कहा कि भारत बहुत शेखी बघारता है कि उसके पास 1.4 अरब लोग हैं। इतने लोग अमेरिका से एक बुशल यानी करीब 25 किलोग्राम मक्का क्यों नहीं खरीदेंगे? क्या यह बात आपको बुरी नहीं लगती कि वे हमें सब कुछ बेचते हैं और हमारा मक्का नहीं खरीदते हैं? वे हर चीज पर शुल्क लगाते हैं। ट्रंप ने इन देशों से शुल्क कम करने को कहा है। यही राष्ट्रपति का मॉडल है और या तो आप इसे स्वीकार करें या फिर आपको दुनिया के सबसे बड़े उपभोक्ता के साथ व्यापार करने में मुश्किल होगी।
अमेरिकी वाणिज्य मंत्री ने कहा कि ट्रंप प्रशासन ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया है। भारत ने अमेरिका के इस कदम को अनुचित और अविवेकपूर्ण बताया है, लेकिन हमारे राष्ट्रपति ट्रंप का साफ संदेश है कि टैरिफ घटा दीजिए या फिर जैसा आप करोगे, वैस ही हम आपके साथ करेंगे। कई साल से हम सही करते आ रहे हैं और गलत को सह रहे है, लेकिन अब टैरिफ लगाकर हम इन चीजों को वापस सही करना चाहते हैं।
Author: Jai Lok







