
आमजनों को ठगने से बचाने का एक ही इलाज
परितोष वर्मा
जबलपुर (जयलोक)। अभी हाल ही में जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने अवैध कॉलोनियों के लगातार प्रकाश में आ रहे मामलों एवं ऐसे प्रकरणों में अवैध कॉलोनी या कच्चे प्लाटिंग के मकान खरीद कर फंस गए लोगों को राहत दिलाने के लिए एक आदेश जारी किया। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने जय लोक से चर्चा करते हुए बताया कि आदेश में स्पष्ट रूप से इस बात का उल्लेख किया गया है कि मध्य प्रदेश नगर पालिका कॉलोनी विकास निगम 2021 एवं मध्य प्रदेश ग्राम पंचायत कॉलोनी का विकास नियम 2014 के प्रावधानों के तहत नगर निगम, नगर पालिका परिषद, नगर परिषद एवं समस्त ग्राम पंचायत क्षेत्र में कॉलोनियों का विकास और निमार्ण हेतु विस्तृत नियम जारी किए गए हैं। इन्हीं प्रावधानों का उपयोग कर और नियमों के पालन में ऐसी अवैध कॉलोनी में की गई भूखंडों की रजिस्ट्री शून्य घोषित की जा सकती है। इसके साथ ही ऐसे प्रकरणों में नामांतरण का भी प्रावधान नहीं है। वर्तमान में सबसे बड़ी समस्या यह है कि तहसीलदारों के न्यायालयों में तकरीबन 5 से 6 हजार तक की संख्या में इस प्रकार के प्रकरण लंबित है। उनके भविष्य का कोई निर्धारण नहीं हो रहा है। अवैध कॉलोनियों की धोखेबाजी से आम लोगों को बचाने और ऐसे फर्जी बिल्डरों को जड़ से ख़त्म करने के लिए अब ये जरुरी हो गया है कि ऐसी अवैध और फर्जी कॉलोनियों में प्लाटों की रजिस्ट्री ना की जाए। बिना जरूरी दस्तावेजों की स्वीकृति के रजिस्टार कार्यालय से अगर यह प्रक्रिया रुक जाएगी तो फर्जी बिल्डरों का धोखाधड़ी का खेल जड़ से खत्म हो जाएगा।

शासन रजिस्ट्री शुल्क ले रहा तो नामांतरण क्यों नहीं
कच्ची प्लाटिंग और अवैध कॉलोनियों के झमेले में फंसे लोग अब यह सवाल भी उठा रहे हैं कि फर्जी बिल्डरों को बढ़ावा इसलिए मिल रहा है क्योंकि शासन केवल अपना राजस्व पूर्ति करने के लिए बिना टीएनसीपी, रेरा अनुमति और कॉलोनी स्वीकृति के दस्तावेजों को देखें बिना प्लाटिंग का भूमि बटांक दिखाकर रजिस्ट्री कर देते हैं। शासन का एक विभाग जब कच्ची प्लाटिंग को स्वीकृति देकर रजिस्ट्री कर रहा है तो फिर और राजस्व का दूसरा विभाग अवैध और गैर कानूनी क्यों मान रहा है जब शासन रजिस्ट्री शुल्क के रूप में बड़ी रकम वसूल कर रहा है तो उसी वक्त भूखंड का नामांतरण देना चाहिए।

अधिकारी भी मानते हैं यह कारगर कदम होगा
यहाँ तक की बहुत सारे प्रशासनिक वरिष्ठ अधिकारी वर्तमान राजस्व न्यायालय में सेवाएं दे रहे कई अधिकारी भी यह मानते हैं कि आम जनता के साथ हो रही है धोखाधड़ी सिरे से समाप्त हो जाएगी अगर ऐसी कच्ची प्लाटिंग और अवैध कॉलोनी की रजिस्ट्री पर ही पूर्णतया रोक लग जाए। राजस्व के जानकर भी यह मानते हैं कि यह कारगर कदम साबित हो सकता है। बशर्ते इसका निर्णय आम जनता के हित में सरकार की इच्छा शक्ति के अनुरूप मजबूती से लिया जाए।
अवैध प्लाटिंग की रजिस्ट्री हो रही है इसलिए लोग अपने खेतों को रातों रात प्लाटिंग में बदलकर उसका कच्चा लेआउट दिखाते हुए लोगों को ठगने का काम कर रहे हैं। प्लॉट की रजिस्ट्री पहला कदम होता है नामांतरण की प्रक्रिया उसके बाद होती है। अगर पहले कदम पर ही इस चोरी को रोका जाए तो फिर सैकड़ो हजारों लोग ठगी का शिकार होने से बच जाएंगे।

माँ भगवती जगत का कल्याण करते हैं – शंकराचार्य स्वामी सदानंद जी
Author: Jai Lok







