
जबलपुर (जयलोक)। संस्कारधानी कहे जाने वाले हमारे शहर में कई ऐसे प्रतिभावान उद्योगपति और राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय लोग हुए हैं जिन्होंने अपने सिद्धांतों और कार्य प्रणाली से जबलपुर के नाम को देश दुनिया में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाए हैं। आज ऐसी ही एक शख्सियत के जन्मदिन के अवसर पर उनका स्मरण कर उन्हें याद कर श्रद्धांजलि देने का अवसर है। हम बात कर रहे हैं जबलपुर से अपना औद्योगिक और राजनीतिक सफर प्रारंभ करने वाले प. विश्वनाथ दुबे का।
पंडित विश्वनाथ दुबे मूल रूप से उद्योगपति के रूप में स्थापित हुए। जबलपुर संस्कारधानी के विकास और उसके उन्नयन के लिए उनके मन में बहुत कुछ कर गुजरने की ख्वाहिश उन्हें सक्रिय राजनीति में ले आई। कांग्रेस के बैनर तले उन्होंने महापौर का चुनाव लड़ा और नगर के महापौर के रूप में कार्यभार संभाला। पं. विश्वनाथ दुबे जबलपुर के ऐसे पहले महापौर रहे जिन्हें मतदाताओं द्वारा सीधे चुना गया। उनके कार्यकाल के दौरान जो सबसे ऐतिहासिक विकास कार्य हुआ वो था शास्त्री ब्रिज से लेकर यातायात थाने तक निर्मित हुई मॉडल रोड के निर्माण का। इसके अलावा जबलपुर नगर निगम जो कि शहर की मूलभूत विकास एजेंसी के रूप में कार्य करती है उसके खाते में एशियन विकास बैंक से करोड़ों रुपए की राशि का ऋण प्राप्त कर विकास कार्यों को गति प्रदान करने का कार्य भी उनके कार्यकाल में दर्ज हुआ।
विदेश में रहने के बाद वैश्विक स्तर की औद्योगिक प्रतिस्पर्धा और व्यापारिक जटिलताओं पर जीत हासिल करने की महारत लेकर वह जबलपुर लौटे और जबलपुर में औद्योगिक क्षेत्र में मुर्गी पालन के व्यवसाय से अपना सफर प्रारंभ किया। पं. विश्वनाथ दुबे के संघर्ष के दौर के साथी आज भी यह बताते हैं कि प्रारंभिक तौर पर भी दो पहिया वाहन के माध्यम से भी स्वयं मैदान में उतरकर अपने व्यावसायिक गतिविधियों को गति प्रदान करते अक्सर देखे जाते थे। यह किसी बड़े व्यक्तित्व और समर्पित भाव से अपने व्यापार के प्रति निष्ठावान लोगों की एक बड़ी खूबी होती है।
जबलपुर से प्रारंभ हुआ उनके मुर्गी पालन और पोल्ट्री का सफर आज एशिया में अपना बड़ा मुकाम बना चुका है।
इसके अलावा पंडित विश्वनाथ दुबे ने शैक्षणिक संस्थाओं को भी सैद्धांतिक रूप से स्थापित कर के सिद्धांतों के अनुरूप ही संचालित करने का जिम्मा उठाया था। उनके जीवित रहते तक उनके सिद्धांतों से पूरे फिनिक्स परिवार ने कभी समझौता नहीं किया और शायद यही वजह थी कि फिनिक्स गु्रप जबलपुर से प्रारंभ हुआ एक ब्रांड जो वैश्विक स्तर पर पहचान बनाते हुए पूरे एशिया में पहचाने जाने लगा।
राजनीतिक क्षेत्र में भी सामन्यत: पंडित विश्वनाथ दुबे ने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। दलगत राजनीति से ऊपर उठकर शहर विकास की भावनाओं के साथ कार्य करने वाले प. विश्वनाथ दुबे आज भी संस्कारधानी के सभी राजनीतिक दल के लोगों के बीच में सम्मानजनक स्थान लोगों के दिलों में रखते हैं। आज भी चाहे जबलपुर का औद्योगिक क्षेत्र हो या राजनीतिक क्षेत्र हो पं. विश्वनाथ दुबे के नाम और उनके काम को सम्मानजनक स्थान प्राप्त है। आज उनकी जयंती पर उन्हें श्रद्धा सुमन के साथ श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।

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Author: Jai Lok







