
ठेकेदार और दिल्ली की कंसल्टेंट कंपनी को किया ब्लैकलिस्ट, दर्ज हुई एफआईआर
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने दिए सख्त कार्यवाही के निर्देश
जबलपुर (जयलोक)। शहपुरा रेलवे ओवर ब्रिज के दूसरे हिस्से के विगत दिनों गिर जाने के बाद पूरे प्रदेश और देश में हल्ला मचा हुआ है। घटिया निर्माण कार्य के कारण हुए हादसे में बड़े जानो माल की हानि हो सकती थी, गनीमत रही की हादसे के कुछ पल पहले ही उक्त स्थान से यात्री बस गुजरी थी। मंत्री राकेश सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस मामले से संबंधित सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाए। चाहे वह ठेकेदार हो, निगरानी करने के लिए जिम्मेदार कंसलटेंट कंपनी हो या फिर जिनकी नाक के नीचे यह घटिया निर्माण हुआ वह शासकीय एमपी आरडीसी के अधिकारी हों। सब की जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

सूत्रों के अनुसार सेवानिवृत हो चुके दो बड़े अफसर की पेंशन रोकने और उन पर आपराधिक मामले चलाने की तैयारी कर ली गई है क्योंकि यह घटिया निर्माण कार्य उनके कार्यकाल और उनके जवाबदेही के अंतर्गत हुआ है।
इसके साथ ही इस ओवर ब्रिज का निर्माण करने वाले मैसेज वागड़ इंफ्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसको ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। प्रोजेक्ट की निगरानी का जुम्मा संभालने वाली आईसीटी प्राइवेट लिमिटेड को भी ब्लैक लिस्ट किया जा रहा है उस पर भी आपराधिक मामला दर्ज होगा। क्योंकि पुल के निर्माण की गुणवत्ता की समय-समय पर जांच करना उसकी जिम्मेदारी थी और इसी कार्य हेतु उसे रखा गया था।
सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट और एमपी आरडीसी के नोटिस के बाद इस पूरे बड़े भ्रष्टाचार की पोल खुल गई है। रिपोर्ट में इस बात का साफ उल्लेख है कि निर्माण कार्य के दौरान जो पदार्थ इस्तेमाल किया गया वह निम्न गुणवत्ता वाला था इसी वजह से लगातार रोड और पुल से संबंधित हादसे सामने आ रहे हैं।

जबलपुर-भोपाल मार्ग को जल्द प्रारंभ करने युद्ध स्तर पर सुधार कार्य जारी
जबलपुर-भोपाल हाईवे पर हुए इस हादसे के बाद जबलपुर से भोपाल की ओर जाने वाला यह मार्ग पूर्ण रूप से बंद हो गया था अब इस मार्ग को पुन: जल्द से जल्द प्रारंभ करने के लिए युद्ध स्तर पर सुधार कार्य किया जा रहा है। अनुमानित समय एक माह का माना जा रहा है इस अवधि में सुधार कार्य पूर्ण हो पाएगा।

इन पर हुई एफआईआर
नवनिर्मित ओवरब्रिज गिरने के मामले में मध्य प्रदेश सडक़ विकास निगम ने सख्त कदम उठाया है। विभाग की शिकायत पर पुलिस ने निर्माण कार्य से जुड़ी कंपनियों और उनके जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ जालसाजी और लापरवाही की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। सडक़ विकास निगम द्वारा थाना शहपुरा में दर्ज कराई गई शिकायत में स्पष्ट किया गया है कि पुल के निर्माण में गुणवत्ता का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखा गया। इस मामले में पुलिस ने सडक़ निर्माण करने वाली प्रमुख फार्म वागड़ इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स सोरथिया वेल्जी रतना (जे.वी.) कंपनी लिमिटेड के विरुद्ध मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही, अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता विनोद जैन (बांसवाड़ा, राजस्थान) और प्रोजेक्ट की निगरानी के लिए जिम्मेदार मेसर्स आईसीटी प्राइवेट लिमिटेड (नई दिल्ली) के टीम लीडर हुकुम सिंह परमार व अन्य सहयोगियों को भी नामजद किया गया है। पुलिस अब इस मामले में तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच कर रही है।
इनका कहना है
राष्ट्रीय राजमार्ग क्र. 12 के जबलपुर-हिरन नदी मार्गखंड के कि.मी. 28 पर स्थित आर.ओ.बी. की रिटेनिंग वॉल का क्षतिग्रस्त होना दुर्भाग्यपूर्ण है ऐसा नहीं होना चाहिए था। नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है। घटना के तुरंत बाद सडक़ विकास निगम द्वारा मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर प्रारंभ कर दिया गया है। हमारा लक्ष्य एक माह के भीतर सुधार कार्य पूर्ण कर सुरक्षित यातायात पुन: प्रारंभ करना है। घटिया निर्माण गुणवत्ता के लिए जिम्मेदार ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है तथा एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जा रही है। यह मार्ग वर्तमान में डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड में है, अत: समस्त मरम्मत कार्य एवं उसका व्यय संबंधित ठेकेदार द्वारा ही वहन किया जाएगा। सुरक्षा की दृष्टि से डायवर्जन मार्ग पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था एवं संकेतक लगाए गए हैं। नागरिकों की सुविधा हेतु रेलवे अधिकारियों से समन्वय कर पूर्व की लेवल क्रॉसिंग को पुन: प्रारंभ करने की कार्यवाही भी की जा रही है।
– राकेश सिंह, मंत्री लोक निर्माण
Author: Jai Lok






