
जबलपुर जयलोक। ओमती थाने में पदस्थ एक आरक्षक ने शिकायत करने पहुंचे एक पीड़ित को ही अपने जाल में फंसा लिया और उस पर झूठा मुकदमा दर्ज करने की धमकी देते हुए उसकी मोटरसाइकिल छुड़ाकर रख ली। आरक्षक और सब इंस्पेक्टर ने उसकी मोटरसाइकिल छोड़ने के बदले में ₹5000 की रिश्वत की मांग की। इसके बाद मामला लोकायुक्त तक पहुंचा। पुलिस अधीक्षक संजय साहू ने बताया कि महानिदेशक लोकायुक्त श्री योगेश देशमुख ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए हैं। इस क्रम में शिकायत प्राप्त होने के बाद तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

लोकायुक्त कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार आवेदक शिवम चौरसिया का अपने मित्र के साथ कंगन गिरवी रखने के बदले में पैसा ना मिलने के विवाद पर एक लिखित शिकायत देने थाना ओमती में गया था । थाने में आरक्षक नितेश शुक्ला मिला जिसने उसे बाहर से ही भगा दिया । दूसरे दिन फिर गया तब आरक्षक ने सब इंस्पेक्टर शिव गोपाल गुप्ता से मिलवाया।

दोनों ने कहा कि जब तक 25000 रुपए नहीं देंगे तो हम तुम्हारे खिलाफ नकली कंगन बेचने के जुर्म में मुकदमा कायम कर देंगे और उसकी मोटरसाइकिल रख ली मोटरसाइकिल छोड़ने के एवरेज में 5000 मांगे तब आवेदक ने आकर लोकायुक्त में शिकायत में की । शिकायत की तस्दीक के उपरांत आज आरोपी आरक्षक नितेश शुक्ला को ₹5000 लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम1988 (संशोधन)2018 की धारा-7, 13(1)B, 13(2) के अंतर्गत कार्यवाही की जा रही है ।

रिश्वत लेने आरक्षक को पकड़ने गए दल में प्रभारी उप पुलिस अधीक्षक सुरेखा परमार, निरीक्षक शशि मर्सकोले, निरीक्षक कमल सिंह उइके एवम् लोकायुक्त जबलपुर का दल शामिल था।
Author: Jai Lok







