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काँग्रेस के फ्लेक्सों में अध्यक्षों की अनदेखी, सबकी नजर में आई,जय हिंद सभा की तैयारियों में जुटे कांग्रेसजन

जबलपुर, (जयलोक)।  हाल ही में प्रदेश कांग्रेस के निर्णय पर जबलपुर में भी जय हिंद सभा की तैयारी जोर-जोर से चल रही है। इस आयोजन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के जबलपुर आने की पूरी संभावनाएं व्यक्त की गई हैं और यहीं से इस पूरे आंदोलन का आगाज होगा। पार्टी के इस कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस के नेता पूर्ण रूप से अपनी पुरानी परिपाटी का निर्वहन करते हुए नजर आ रहे हैं। शहर में फ़्लेक्स की मारामारी जमकर नजर आ रही है। बड़े नेताओं ने तो शहर के होर्डिंग्स की प्री बुकिंग कर ली थी और बाकायदा इस बात की सूचना भी वहां टांग दी गई है कि यह स्थान बुक है।
लेकिन अपना पैसा, अपना फ्लेक्स और अपनी नेतागिरी की पुरानी परिपाटी में कांग्रेस के कुछ नेता एकता और पार्टी गाइड लाइन के मूल मंत्र को कई बार भूल जाते हैं। इस बार भी यही भूल शहर के दर्जनों फ्लेक्सों पर नजर आ रही है जहाँ पर कांग्रेस के नेताओं ने अपने नगर अध्यक्ष और ग्रामीण अध्यक्ष को ही फ्लेक्सों पर स्थान नहीं दिया है। कुछ नेताओं ने इस बात का ध्यान रखा है और सभी को साथ में लेकर चलने का प्रयास करते हुए छोटे बड़े अपने साथ के सभी नेताओं कार्यकर्ताओं को अलग-अलग फ्लेक्सों में स्थान दिया है। यह तो सकारात्मक बात है इसलिए अधिक चर्चा में नहीं है। चर्चा नकारात्मक बातों की अधिक होती है इसलिए सबकी नजर में यह बात आई की कांग्रेस के नगर अध्यक्ष और ग्रामीण अध्यक्ष को कई बड़े नेताओं ने अपने फ्लेक्स में स्थान देना उचित नहीं समझा।
नगर अध्यक्ष पद महत्वपूर्ण पद है और संगठनात्मक रूप से इसकी एक अपनी गरिमा होती है। ऐसे में जब इस पद पर आसीन व्यक्ति से निजी संबंधों को अधिक महत्व देकर पद की गरिमा से खिलवाड़ किया जाता है तो बातें चर्चा में आ जाती है। ऐसा नहीं है कि कांग्रेस की इस फ्लेक्स बाजी में इतनी बड़ी खामी को सिर्फ  भाजपा के लोगों ने देखा और उजागर किया बल्कि कांग्रेस के लोग ही इस बात को महसूस कर रहे हैं कि इस प्रकार की हरकतें पूर्व में कभी देखने को नहीं मिली अगर संगठात्मक अनुशासनहीनता को इसी प्रकार से बढ़ावा मिलता रहा तो फिर कांग्रेस के किसी भी नेता पर संगठन की गाइडलाइन और नियमों का पालन करने का महत्व खत्म हो जाएगा।खैर, कांग्रेस में कार्यकर्ताओं की कमी है क्योंकि हर व्यक्ति ही नेता है और निर्णय लेने की क्षमता स्वयं की बहुत प्रबल है अपने से ऊपर भी किसी को मानने की गलती नहीं करते। प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश के प्रभारी, राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के आगमन के दौरान ही विगत दिनों नगर अध्यक्षों की अपील और आवाहन पर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और नेता ने किस प्रकार से अपनी प्रतिक्रिया दी और इन नेताओं का डुमना से लेकर निजी होटल में किस प्रकार से फीका स्वागत किया गया यह भी बहुत चर्चा का विषय बना है।सामान्यत: यह सारी बातों के वर्तमान कांग्रेस के भविष्य के सफर के लिए कठिनाइयां भारी होने के संकेत हैं। प्रदेश कांग्रेस के जिम्मेदार नेताओं को इन सभी बातों को मद्देनजऱ रखते हुए कुछ ऐसे निर्णय तो लेना होंगे ताकि भविष्य में कांग्रेस की यह आपसी तकऱार जो अब कमरे और बैठकों से निकलकर पर्दों के पीछे से बाहर आकर सार्वजनिक तौर पर जनता के सामने फ्लेक्सों तक में देखने लगी है उस पर रोक लग सके।

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Jai Lok
Author: Jai Lok

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