
जबलपुर (जय लोक) आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में माँ नर्मदा के साथ ही अन्य सहायक नदियों से खुलेआम रेत कैसे चुराई जा रही है इसका जीता जागता प्रमाण आज जबलपुर जिला प्रशासन के समक्ष एक पूर्व विधायक ने सोशल मीडिया पर सीधा प्रसारण कर वीडियो के माध्यम से दे दिया।

वैसे तो जिला प्रशासन के निर्देश पर कई मामलों में खनिज विभाग ने कार्रवाही भी की। लेकिन रेत की खुलेआम चोरी करने वालों के खिलाफ की जा रही कार्रवाहियाँ नाकाफी साबित हो रही हैं। प्रशासन और खनिज विभाग का सूचना तंत्र कमजोर हैं विभाग में जयचंदों की भरमार है। जिसके कारण जिले के दूरगामी और अंदरुनी क्षेत्रों में जहाँ माँ नर्मदा के तट लगे हुए हैं वहां खुलेआम नाँव के माध्यम से रेत निकालकर घाटों पर इक_ा की जा रही है। उसके बाद दिन में तो ठीक लेकिन रात के अंधेरे में धड़ल्ले से टे्रक्टर, डंम्पर, हाईवा के माध्यम से इसकी कालाबाजारी कर मोटा मुनाफ कमाया जा रहा है।

कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक संजय यादव ने आज दिन दहाड़े चल रहे रेत के अवैध उत्खन्न का सीधा प्रसारण कर सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर जिले में चल रहे इस काले कारोबार की पोल खोल दी है। जिला कलेक्टर को संबोधित करते हुए उन्होंने सोशल मीडिया पर एक संदेश लिख है-‘‘चरगवां से शहपुरा जाते समय जब मां नर्मदा जी का आशीर्वाद लेने रुके तो देख मालकच्छार घाट में रेत का अवैध उत्खनन चल रहा है और प्रशासन कुंभकरण की नींद सो रहा है, कलेक्टर साहब इस अवैध उत्खनन के विषय को गंभीरता से लीजिए’’।
कांग्रेस के ग्रामीण अध्यक्ष संजय यादव ने जयलोक से चर्चा करते हुए बताया कि यह कोई नई बात नहीं है कि माँ नर्मदा के आंचल को छलनी कर रेत माफिया लगातार रेत की चोरी कर रहा है। अधिकारियों की मिलीभगत के कारण ही यह पूरा धंधा फलफूल रहा है।

रेत चोरी के लिए बदनाम हैं ये घाट
माँ नर्मदा के तटों से रेत चोरी के लिए शहपुरा, चरगवाँ, बरगी, सिलुआ, जमतरा, खिरेहनी, मालकच्छार, सिहोरा आदि क्षेत्रों के घाट सर्वाधिक बदनाम हैं।
इनका कहना है
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में माँ नर्मदा के आंचल से धड़ल्ले से रेत चोरी की जा रही है। अवैध उत्खनन करने वाले सत्ता पक्ष के नेताओं के संरक्षण में हैं। जिला प्रशासन को निष्पक्षता से अवैध उत्खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाही करनी चाहिए।
संजय यादव, ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष
Author: Jai Lok






