
जबलपुर (जयलोक)। जिले में एकाएक बढ़े अपराधों को काबू पाने के लिए पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय सक्रिय टीम के गठन पर ध्यान दे रहे हैं। नए पुलिस अधीक्षक को एक माह का समय हुआ है। अब तक जो भी थाना प्रभारी कर रहे थे और अब आगे जैसी अपराध को रोकने की उनकी कार्यप्रणाली रहेगी उसके आधार पर थाना प्रभारियों के संबंध में पुलिस अधीक्षक द्वारा निर्णय लिया जाएगा। सीधे तौर पर यह कहा जा सकता है कि संबंधित थाना क्षेत्र का अपराध और वहाँ होने वाली अपराधिक गतिविधियाँ थाना प्रभारियों का पूरा हाल पुलिस अधीक्षक के सामने स्पष्ट कर देंगे।
जिले के कुछ थाना क्षेत्र ऐसे हैं जहाँ पर पदस्थ थाना प्रभारी का किसी प्रकार का कोई कंट्रोल क्षेत्र के गुंडों पर नहीं है। कुछ लोग बहुत अधिक राजनीति से प्रभावित हैं तो कुछ लोग मैदानी कार्रवाई से दूर होकर केवल चेंबर में बैठकर पुलिसिंग कर रहे हैं। यह भी कहा जा सकता है कि जबलपुर जिले का प्रभार मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने वर्तमान में कार्य कर रहे थाना प्रभारियों को तौलने का और उनकी कार्यक्षमता का आकंलन करने का काम किया है। अब आने वाले 15 दिन या पूरा दिसंबर महीना जिले के थानों में पदस्थ प्रभारियों के लिए परीक्षा की घड़ी का दौर है। 2024 खत्म होने वाला है। साल भर के घटित हुए अपराध की गणना का समय आ गया है। कुछ थाने अपने क्षेत्र में अपराध की रोकथाम में बहुत ही पिछड़ी हुई स्थिति में है।
जुआ सट्टा, चाकूबाजी, चोरी, मारपीट की घटनाओं के लिए कुछ थाने बदनाम हो चुके हैं यहाँ पर मौजूद थाना प्रभारी और उनके स्टाफ का नियंत्रण थाना क्षेत्र के गुंडे बदमाशों और असामाजिक तत्वों के ऊपर से खत्म सा होता दिखाई दे रहा है शायद यही वजह है कि जिले में एकाएक अपराधों का ग्राफ तेजी से बढ़ गया है।

चाकू बाजी और गोली चालन बड़ी चुनौती
वर्तमान में अगर जिले में घटित हो रही आपराधिक वारदातों की समीक्षा की जाती है तो लगातार हो रही चाकूबाजी और जगह -जगह शहर में चल रही गोलियाँ पुलिस के लिए बड़ी चुनौती का कारण बना है। हालांकि पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय का अधीनस्थों को स्पष्ट निर्देश है कि ऐसे निगरानी शुदा हिस्ट्रीशीटर बदमाशों को चिन्हित कर कार्यवाही की जाए। ऐसे गुंडे बदमाशों की सूची तैयार की गई है जो पुराने अपराधी है ,उनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जा रही है। जो अपराधी लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे हैं उनके खिलाफ एनएसए, जिला बदर जैसी सख्त कार्रवाई की जा रही है। लेकिन अवैध फायर आम्र्स से हो रहा अपराध बड़ी चिंता का विषय बने हुए हैं। जबलपुर के आपराधिक लोगों के बीच में बड़ी संख्या में अवैध अग्निशस्त्र आ चुके हैं। अब तो नाबालिक बच्चे भी इनका इस्तेमाल कर रहे हैं, पुलिस द्वारा पूर्व में दर्ज किए गए कई गंभीर अपराधों में इस बात का खुलासा हो चुका है। पुलिस अवैध हथियारों को जप्त भी कर रही है। लेकिन फिर भी इसकी सप्लाई चैन नहीं टूट पा रही है। चाकूबाजों से निपटने अब सीधे 307 का मामला दर्ज किया जा रहा है।

Author: Jai Lok







