
जबलपुर (जयलोक)। शहर में खुले नालों और चेम्बरों में गिरकर नागरिक और मवेशी घायल हो रहे हैं। जिसका उदाहरण आज फिर देखने को मिला। जब सुबह सुबह महाराजपुर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के पास लोगों ने एक बैल को नाले में पड़ा देखा। बैल को नाले से बाहर निकालने के लिए लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। इसी बीच नगर निगम के दल को देख लोगों को गुस्सा उस वक्त और बढ़ गया जब निगमकर्मी खाली हाथ बैल को निकालने के लिए पहुँचे। यहां निगमकर्मियों ने व्यवस्थाएं ना होने की बात कही। विक्रम ङ्क्षसह ने बताया कि हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के पास बना नाला काफी दिनों से खुला पड़ा है। रात के अंधेरे में यहां से गुजरने से भी डर लगता है। लेकिन नगर निगम द्वारा इस नाले को बंद नहीं किया गया। जिसमें गिरकर आज एक बैल घायल हो गया। हालांकि बैल कब नाले में गिरा यह किसी को नहंी पता लेकिन आशंका जाहिर की जा रही है कि देर रात अंधेरे में बैल इस नाले में गिरा होगा। जो बाहर निकाले की कोशिश कर रहा था लेकिन नाले की गहराई ज्यादा होने के कारण वह बाहर नहीं आ सका।

पार्षद ने बुलाई निगम की टीम
इस दौरान विक्रम ङ्क्षसह ने इसकी जानकारी क्षेत्रीय पार्षद को दी। पार्षद के बुलाने पर निगम के कर्मचारी आ तो गए लेकिन खाली हाथ पहुँचे निगमकर्मियों ने बैल को नाले से निकालने में अस्मर्थता जाहिर की। जिसके बाद लोगों में नाराजगी देखी गई। निगम कर्मियो का कहना था कि उनके पास इस समय पर्याप्त उपकरण मौजूद नहीं हैं। जो जेसीबी हैं वह अभी एक कार्यक्रम में व्यस्त है। जिसके कारण वे खाली हाथ यहां पहुँचे। जिसके बाद विक्रय सिंह ने इसकी सूचना गौर रक्षा दल को दी। गौ रक्षा दल ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद बैल को नाले से बाहर निकाला।

निगम की लापरवाही बना खतरा
इस दौरान क्षेत्रीय लोगों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि एक ओर निगम खुले पड़े नालों और चेम्बरों को बंद नहीं कर पा रहा है तो दूसरी ओर निगम कर्मियों के पास समय पर संसाधन उपलब्ध नहीं रहते हैं। जिसका खामियाजा नागरिकों और जानवरों को भुगतना पड़ रहा है।

Author: Jai Lok







