Download Our App

Home » कानून » गलती नहीं सुधारने वाले स्कूल संचालकों पर 28 के बाद होगी कार्रवाही : कलेक्टर के आदेश को कर रहे नजरअंदाज

गलती नहीं सुधारने वाले स्कूल संचालकों पर 28 के बाद होगी कार्रवाही : कलेक्टर के आदेश को कर रहे नजरअंदाज

जबलपुर (जयलोक)
स्कूली फीस और कॉपी किताब के नाम पर अभिभावकों से की जा रही लूट के मामले में कलेक्टर की कार्रवाही आगे बढ़ती जा रही है। इस मामले में जहां 11 स्कूलों के संचालक और जिम्मेदारों पर कार्रवाही की गई है तो वहीं अन्य स्कूलों पर भी अब गाज गिर सकती है। जिसका बड़ा कारण इन स्कूलों के द्वारा अपनी गलती में सुधार ना किया जाना है। पूर्व में एक बैठक में निजी स्कूल संचालकों ने कलेक्टर से कहा था कि वे अपनी गलती सुधारकर इसकी जानकारी 28 जुलाई तक कलेक्टर के समक्ष पेश करेंगे। लेकिन अब तक किसी भी स्कूल के द्वारा गलतियों को सुधारी जाने की जानकारी कलेक्टर तक नहीं पहुँची हैं। अब 28 जुलाई के बाद इन स्कूलों पर कार्रवाही की जा सकती है।
फीस वृद्धि और ड्रेस एवं किताबों की मोनोपॉली के खिलाफ  की गई कार्रवाई के बाद, कलेक्टर दीपक सक्सेना ने शहर के सभी प्राइवेट स्कूलों को 28 जुलाई तक का समय दिया था। इस बैठक में स्कूलों को अपनी फीस वृद्धि, ड्रेस और किताबों की जानकारी पोर्टल पर डालने के लिए निर्देशित किया गया था। लेकिन अभी तक इसका पालन नहीं किया गया है। कलेक्टर दीपक सक्सेना का कहना है कि अब तक उनके पास किसी भी निजी स्कूल की जानकारी नहीं पहुंची है जिन्होंने फीस वृद्धि, डे्रस और किताबों की जानकारी पोर्टल पर डाली हो। हालांकि अब तक कुछ ही स्कूलों ने इस निर्देश का पालन किया है। अधिकांश स्कूल अभी भी इस मामले में गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। 28 जुलाई के बाद ऐसे स्कूलों पर सख्त निर्णय लिया जा सकता है। कलेक्टर सक्सेना द्वारा दिए गए इस अल्टीमेटम के बाद, स्कूलों पर और कड़ी नजर रखी जा रही है, जिससे छात्रों और अभिभावकों को राहत मिल सके।

Jai Lok
Author: Jai Lok

RELATED LATEST NEWS

Home » कानून » गलती नहीं सुधारने वाले स्कूल संचालकों पर 28 के बाद होगी कार्रवाही : कलेक्टर के आदेश को कर रहे नजरअंदाज
best news portal development company in india

Top Headlines

लड़ेंगे वो, क़ीमत हम चुकाएंगे: युद्ध की छाया में भारतीयों की जेब और भारत अर्थव्यवस्था दोनों संकट में

अमित चतुर्वेदी (जयलोक)। दुनिया इस समय एक ऐसे दौर से गुजर रही है, जहां युद्ध केवल सीमाओं पर नहीं लड़ा

Live Cricket